प्रमुख घाटों पर सुरक्षा और सुविधाओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान डीसीपी पश्चिम ने बिठूर के उदरा घाट, पत्थर घाट, ऐतिहासिक ब्रह्मावर्त घाट और रानी लक्ष्मीबाई घाट का भ्रमण किया। उन्होंने घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए की जा रही बैरिकेडिंग, आवागमन के लिए प्रवेश व निकास मार्ग, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई की स्थिति को देखा।
कांवड़ यात्रा की तैयारियों का लिया जायजा लेते डीसीपी पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी
- फोटो : amar ujala
इसके साथ ही आपात स्थितियों से निपटने के लिए जल पुलिस, स्थानीय गोताखोरों की तैनाती, लाइफ जैकेट, मोटरबोट और निगरानी के लिए लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरों की तैयारियों की गहन समीक्षा की।
अधिकारियों को समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश
मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए डीसीपी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले घाटों पर सभी आवश्यक इंतजाम समय रहते पूरे कर लिए जाएं। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को मुस्तैदी से काम करने, भीड़ नियंत्रण, सुगम यातायात प्रबंधन और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारी रखने के निर्देश दिए गए।
धर्मगुरुओं से किया संवाद, मांगे सुझाव
निरीक्षण के दौरान डीसीपी पश्चिम ने क्षेत्र के प्रमुख धर्मगुरुओं और स्थानीय प्रबुद्धजनों के साथ बैठक कर संवाद भी स्थापित किया। उन्होंने सावन मास के दौरान श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस-जनता के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने को लेकर चर्चा की और उनसे महत्वपूर्ण सुझाव भी प्राप्त किए। इस निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी (सदर) समेत पुलिस और प्रशासनिक महकमे के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।