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Success Story: कानपुर की बेटियों ने लहराया सफलता का परचम, DJS में मिली 16वीं और 48वीं रैंक, पढ़िए इनकी कहानी

Sun, 26 Mar 2023 11:44 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Delhi Judicial Service Result:  शहर की दो बेटियों कहकशां और श्रद्धा ने दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस में शानदार सफलता हासिल की है। इसमें कहकशां  को ऑल इंडिया 16वीं रैंक और श्रद्धा को 48वीं रैंक मिली है।
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कहकशां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर की दो बेटियों की दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस में सफलता हासिल कर शहर का नाम रोशन किया है। जूही लाल कॉलोनी की रहने वाली कहकशां जबिन ने शहर का नाम रोशन किया है। कहकशां को ऑल इंडिया 16वीं रैंक मिली है। कहकशां कहती है कि दादा स्व. खुर्शीद अहमद कोर्ट में काम करते थे।

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उनका सपना था कि मैं कोर्ट के सबसे उच्च पद पर बैठूं। इसलिए मेरा दाखिला लखनऊ यूनिवर्सिटी में कराया था। उनके सपने को अब पूरा किया है। उन्होंने बताया कि गुलमोहर पब्लिक स्कूल से 10वीं व 12वीं की पढ़ाई करने के बाद लखनऊ यूनिवर्सिटी से बीए-एलएलबी में दाखिला कराया।
2018 में डिग्री पूरी करने के बाद एनएलयू बैंगलूरू से एलएलएम किया। 2022 में लखनऊ नेट क्वालीफाई कर जेआरएफ बनी। फिर लखनऊ विवि में पीएचडी में दाखिला मिला। इसी साल संदीप यूनिवर्सिटी में लॉ की असिस्टेंट प्रोफेसर बन गईं। कहकशां के पिता जावेद अहमद भी कानपुर में पीए टू एडीजे हैं। मां नाजीन बेगम गृहिणी हैं।

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श्रद्धा और उसका परिवार - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धा ने 18 दिन की मेहनत में पास की मुख्य परीक्षा
वहीं,  विकासनगर की रहने वाली श्रद्धा श्रीवास्तव का दिल्ली न्यायिक सेवा 2022 में चयन हो गया है। कुल 123 चयनित परीक्षार्थियों में श्रद्धा 48वीं रैंक लाई हैं। वर्ष 2021 में स्नातक की परीक्षा पास करने वाली श्रद्धा ने 11 महीने की कड़ी मशक्कत के बाद प्रारंभिक परीक्षा पास की।

वहीं, सिर्फ 18 दिन की जी तोड़ मेहनत के बाद मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल कर ली। न्यायिक सेवा से जुड़े रहे अपने नाना और मामा को वह अपना प्रेरणास्रोत मानती हैं। उनके नानाजी स्वर्गीय डीएन सिन्हा अपर जिला जज रहे हैं, जबकि मामा देवेश सिन्हा इलाहाबाद हाईकोर्ट में ज्वाइंट रजिस्ट्रार हैं।
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श्रद्धा के पिता आशीष श्रीवास्तव भारी वाहनों का व्यापार करते हैं, जबकि माता बबिता बेसिक शिक्षा परिषद मैथा में प्रधानाध्यापिका हैं। छोटा भाई अविरल डीपीएस में दसवीं का छात्र है। बता दें श्रद्धा ने अपने नाना को देखकर जज बनने का सपना देखा था।
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