सौरिख नगर से सटे मोहल्ला इस्लाम नगर में लंबे समय से बीमार चल रहे पिता का सहारा बनकर 12 वर्षीय बेटी सामने आई है। परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ उठाने के लिए यह बेटी ठेली पर सब्जी बेच रही है। इसके बाद परिवार को दो वक्त की रोटी नसीब हो पा रही है।
नादेमऊ रोड पर स्थित इस्लाम नगर निवासी नसरुद्दीन पिछले छह साल से बीमार चल रहे हैं। परिवार में मां नूरजहां, दो छोटी बहनें कमरुन, जयमुन का भरण-पोषण की जिम्मेदारी घर की 12 वर्षीय बेटी नसरीन ने अपने कंधों पर उठा ली। ठेली पर सवार होकर वह अपने पिता के साथ सब्जी बेंचने के लिए निकली तो लोगों की नजर पर पड़ा बेटा और बेटी के फर्क का पर्दा हट गया।
नसरीन सब्जी बेचकर परिवार के लिए दो जून की रोटी का जुगाड़ कर रही है। परिवार की जिम्मेदारियों को उठाने की खातिर उसने अपनी पढ़ाई पर भी ग्रहण लगा जिम्मेदारी का बोझ सिर पर उठा लिया। आंखों में आंसू भरे नसरीन की मां नूरजहां बताती है कि उसके पति पिछले छह सालों से बीमार चल रहे हैं। पति की बीमारी और एक साल पहले हुई बेटी की शादी के कारण परिवार पर लोगों का कर्जा हो गया और घर में खाने-पीने की दिक्कतें भी आ गईं।
लॉकडाउन के चलते पति का इलाज भी सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। पैसे न होना इलाज में सबसे बड़ी समस्या है, इसके अलावा कर्ज अधिक होने के कारण अब उधार मिलना भी बंद हो गया। परिवार के पास जमीन न होने के कारण अनाज से लेकर सभी आवश्यक वस्तुएं बाजार से ही खरीदनी पड़ती हैं।