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उन्नाव : सिटी मजिस्ट्रेट से बिटिया की दुहाई, पिता के खाते में लाखों लेकर आई

Sun, 20 Jun 2021 03:52 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा अनुराग मिश्रा/रामगोपाल तिवारी, अमर उजाला, उन्नाव

सार

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक अनोखा मामला सामने आया है। एक ओर जहां अधिकारी छोटे छोटे कामों के लिए महीनों नहीं सालों टहलाते हैं वहीं उन्नाव सिटी मजिस्ट्रेट ने एक बेटी की गुहार को सिर्फ सुना ही नहीं मात्र पांच घंटे के अंदर उसकी समस्या भी दूर कर दी। 
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दुल्हन बनी आरती... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक अनोखा मामला सामने आया है। एक ओर जहां अधिकारी छोटे छोटे कामों के लिए महीनों नहीं सालों टहलाते हैं वहीं उन्नाव सिटी मजिस्ट्रेट ने एक बेटी की गुहार को सिर्फ सुना ही नहीं पात्र पांच घंटे के अंदर उसकी समस्या भी दूर कर दी। पढ़िए अमर उजाला की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट...

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बेटी की शादी और पिता धन की कमी से परेशान। उम्मीद थी कि गंगा एक्सप्रेस के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का पैसा मिलेगा और बेटी की शादी धूम-धाम से करेंगे, लेकिन शादी के दो दिन पहले तक पैसा नहीं मिला तो पिता की बेचैनी बढ़ गई। पिता की बेचैनी देख बेटी ने सिटी मजिस्ट्रेट को व्हाट्सएप पर मैसेज कर अपनी शादी की दुहाई देते हुए राशि दिलवाने की गुहार लगाई।

बिटिया के मैसेज से सरकारी सिस्टम पिघल गया और रफ्तार ऐसी दिखाई कि पांच घंटे में ही मुआवजे के 20 लाख रुपये खाते में पहुंचा दिए। तय समय में बिटिया की शादी धूमधाम से हुई। बीघापुर तहसील के सलेथू गांव के मूल निवासी दिनेश तिवारी शुक्लागंज गंगानगर पोनी रोड में रहते हैं। कानपुर में एक कपड़े की दुकान में नौकरी करते हैं।

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दिनेश की सलेथू गांव में पैतृक दो बीघा खेतिहर भूमि थी। यह जमीन गंगा एक्सप्रेसवे में चली गई। दिनेश ने 25 मई को भूमि की रजिस्ट्री कर दी थी। इसी बीच उन्होंने बड़ी बेटी आरती की 17 जून को कानपुर में शादी तय कर दी। उम्मीद थी शादी से पहले मुआवजा मिल जाएगा। कागजी जांच पड़ताल में समय लगने के कारण 15 जून तक दिनेश के खाते में पैसा नहीं पहुंचा।

पैसा न मिलने से दिनेश परेशान हो गए। पिता की परेशानी देख आरती ने 15 जून की सुबह दस बजे सिटी मजिस्ट्रेट चंदन कुमार पटेल को व्हाट्सएप मैसेज कर अपनी व्यथा बताई। लिखा कि मुआवजा न मिलने से मेहमानों का सत्कार, आभूषण व अन्य सामान की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। शादी टलने की नौबत आ गई है।

उसके पिता की इज्जत दांव पर है। इसकी रक्षा करना उनके हाथ में है। सिटी मजिस्ट्रेट ने तुरंत सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी कराईं और उसी दिन दोपहर तीन बजे पिता के खाते में 20 लाख ट्रांसफर करा दिए। इसके बाद आरती ने फिर मैसेज कर आया। इसमें उसने पैसा पहुंचने की जानकारी देकर शादी बचाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को धन्यवाद ज्ञापित किया।
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