यूपी के हरदोई जिले में बेटी की हत्या के आरोप में निरुद्ध निशक्त युवक ने जिला कारागार के शौचालय में बृहस्पतिवार सुबह फांसी लगाकर जान दे दी। बंदी का फांसी पर लटका देख अन्य बंदियों ने सूचना जेल के अफसरों को दी। जेल पहुंची शहर कोतवाली पुलिस ने सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें बंदी ने अपनी मौत के लिए ससुर समेत अन्य ससुरालियों को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही ससुर पर पुत्री को गायब कर झूठा फंसा देने से आहत होकर जान देने की बात कही है।
पिहानी कोतवाली क्षेत्र के बंदरहा ग्राम निवासी सूर्य प्रकाश गुप्ता उर्फ सोनू (35) पुत्र प्रेमचंद्र को बेटी करिश्मा उर्फ बिट्टो की हत्या के आरोप में पुलिस ने 16 अक्तूबर 2018 को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था, तब से वह जेल में निरुद्ध था। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। सुबह साढ़े पांच बजे कारागार के शौचालय में बंदियों ने सोनू का शव जंगले से फांसी पर लटकते देखा।
शहर कोतवाली प्रभारी शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि सुसाइड नोट में सोनू ने अपने ससुर साधू पर पुत्री करिश्मा को गायब करने और उसे हत्या के मामले में झूठा फंसाने का आरोप लगाया है। उधर, बंदी के खुदकुशी करने की सूचना पर जेल पहुंचे डीआईजी जेल उमेश कुमार ने जेलर मृत्युंजय पांडेय से विस्तार से जानकारी ली। वहीं, मृतक के भाई अक्षत्र ने बताया कि तत्कालीन पिहानी कोतवाल और एक सिपाही ने ससुर के साथ मिलकर भाई को झूठा फंसा दिया था।