जिंदगी में हमेशा थ्री डी से बचकर रहना। डिस्ट्रक्शन, डिमोटिवेशन और डिप्रेशन...। ये तीनों चीजें आपकी जिंदगी में निगेटिव सोच लाकर आपको आगे बढ़ने से रोकेंगी, लेकिन जिंदगी में कभी हार न मानना। इन सब बातों को पीछे छोड़ते हुए संघर्ष जारी रखना। सफल जरूर होगे... झांसी मेडिकल कॉलेज की पांचवीं मंजिल से मंगलवार को कूदकर आत्महत्या करने वाली एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा मान्या तिवारी ने ये बातें अपने आखिरी वीडियो में शेयर की थीं।
एक ई-मेल के जरिए यह वीडियो मान्या के पिता आईआईटी कानपुर के सीनियर प्रोफेसर आशीष तिवारी ने कैंपस के सभी प्रोफेसरों को भेजा है। मान्या की आत्महत्या का कारण पढ़ाई का प्रेशर बताया जा रहा है लेकिन आठ माह पहले बनाए गए उसके इस वीडियो को देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि वह कभी अपनी जिंदगी को ही खत्म कर सकती है।
मान्या ने ऑनलाइन नीट की तैयारी कराने वाले यूट्यूब चैनल ‘बायोमेंटर क्लास ऑनलाइन’ के लिए इस वीडियो को बनाया था। इसमें उन्होंने जिंदगी में संघर्ष करके कैसे सफल हो सकते हैं, इसके लिए तमाम टिप्स दिए हैं।
करीब 15 मिनट 30 सेकेंड के इस वीडियो में मान्या ने कहा है कि अगर कोई आपको कहे कि आप सफल नहीं हो सकते या फिर जिंदगी में कभी आप फेल हो जाएं तो डिप्रेशन में नहीं जाना चाहिए बल्कि इसे अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा बनाइए।
डबल मेहनत करिए। अपने अंदर इतना गुस्सा लेकर आइए कि मैं जरूर सफल होकर दिखाऊंगा। फिर जब आप सफल होंगे तो वही लोग जो कल तक आपका मजाक बनाते थे वह आपको शाबाशी देंगे।
जिंदगी में हमेशा यह ख्याल रखिए...
मान्या ने अपने वीडियो में बोला है कि जिंदगी में हमेशा यह ख्याल रखना चाहिए कि सफलता हमें कितनी मिलती है यह इसपर निर्भर करता है कि आप उस चीज के लिए कितना मेहनत करते हैं। आप अपने उस सपने को पूरा करने के लिए कितना संघर्ष कर रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में कदम रखोगे तो सारे दर्द भूल जाएंगे
मान्या बोलती हैं कि जब आप अपने उन दोस्तों को देखते हो जो कॉमर्स, आर्ट साइड के होते हैं और जिंदगी में हमेशा मस्ती करते हैं तो आपको परेशानी होगी। क्योंकि आप नीट, एम्स जैसी कठिन परीक्षाओं की दिनरात एक करके तैयारी करते रहते हैं। जब आप मेहनत करके, दर्द सहकर सफलता हासिल कर लोगे तो उस दिन आपको यह लगेगा कि यह सब बेकार की बातें थीं। मेडिकल कॉलेज में पहला कदम रखते ही आपकी खुशी आपके सारे दर्द भुला देगी।
एडमिशन लेने के बाद तो आपकी जिंदगी शुरू होती है
मान्या ने एडमिशन लेने के बाद के संघर्षों को भी अपने वीडियो में बयां किया है। बोलती हैं कि मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिलने के बाद यह नहीं कि आगे आपको मेहनत नहीं करना है। ऐसा नहीं कि आपकी लाइफ सेट है...। दरअसल इसके बाद ही आपकी जिंदगी की असल परीक्षा शुरू होती है। नीट और एम्स एग्जाम आपकी जर्नी का एक पार्ट है। आपका डेस्टिनेशन नहीं है। आपको पूरी जिंदगी अलग-अलग चीजों के लिए मेहनत करनी होगी। कभी यह मत सोचिएगा कि इसके बाद आपकी लाइफ में कुछ नहीं है।
आईआईटी प्रोफेसर बोले, अब मेरे पास कुछ नहीं बचा...
झांसी मेडिकल कॉलेज की पांचवीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा मान्या तिवारी के पिता प्रो. आशीष तिवारी ने बुधवार को अपने साथी प्रोफेसरों के नाम एक ई-मेल जारी किया। इसमें उन्होंने लिखा कि ‘अब मेरे पास कुछ नहीं बचा’। मेरी इकलौती बेटी मान्या तिवारी जो एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही थी उसने झांसी मेडिकल कॉलेज में कल सुसाइड कर लिया।
यह हम सभी के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा धक्का है। प्रो. आशीष ने बताया कि मान्या बेहद तेज छात्रा थी। उसने जेईई और नीट दोनों में ही सफलता हासिल की। वह हमेशा खुले दिमाग और सकारात्मक सोच से काम करती रही है। प्रो. आशीष ने इस ई-मेल के साथ एक यूट्यूब चैनल का लिंक भी शेयर किया है। अपने साथी प्रोफेसरों को भी नसीहत दी है। कहा कि आप सभी हमेशा इस बात को सुनिश्चित कर लें कि आपका कोई छात्र कभी प्रेशर में न हो।