कानपुर देहात। खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए चलाए गए अभियान में भरे गए दस नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई है। पुखरायां मंडी में एक किराना दुकान से भरा गया मिर्च पाउडर का नमूना जांच में असुरक्षित पाया गया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त की मंजूरी के बाद सीजेएम की कोर्ट में वाद प्रस्तुत किया जाएगा। अन्य छह खाद्य पदार्थों के नमूने अधोमानक, दो पर गलत प्रिंट व एक में प्रतिबंधित अपमिश्रक पाया गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुधा कनौजिया ने पुखरायां मंडी में मोनू गुप्ता की किराना दुकान से 16 जुलाई को मिर्च पाउडर का नमूना लिया था। प्रयोगशाला जांच में मिर्च पाउडर में खतरनाक रंग सूडान द्वितीय व तृतीय की मिलावट पाई गई। ये रंग स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। रनियां के लाटा मुबारकपुर स्थिति वैभव एडिबल से खाद्य तेल का भरा गया नमूना अधोमानक पाया गया है।
रनियां के राजेंद्रा चौराहे से प्रदीप कुमार के केन लिया गया दूध का नमूना अधोमानक मिला है। इसी प्रकार सिकंदरा के हरिहरपुर में रामबाबू की दुकान से लिया गया बर्फी नमूना, रसधान में दिनेश चंद्र की दुकान से संकलित सेवई, परसौली में ओमशंकर सिंह की दुकान से भरा गया टोस्ट व रूरा के भटौली में बाजवीर के केन से लिया गया दूध का नमूना अधोमानक पाए गए।
अकबरपुर के नेहरू नगर में बालाजी दूध डेयरी में दूध में मिलाने वाले अपमिश्रक का नमूना लिया गया था। यह अपमिश्रक हाइड्रोजन पराक्साइड पाया गया। इसे दूध में मिलाना प्रतिबंधित है। वहीं जैनपुर में डेलिस फूड प्रोडक्ट के यहां से संकलित नमकीन व रनियां के लाटा मुबारकपुर में वैभव एडिबल्स के फैक्टरी से संकलित खाद्य तेल की पैकिंग में गलत प्रिंट पाया गया।
अभिहित अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि सभी को नोटिस जारी की गई है। अधोमानक व मित्थ्या छाप मिलने के मामलों में एडीएम के यहां वाद प्रस्तुत किए जाएंगे। जबकि असुरक्षित मिले नमूने में सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।