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Kanpur News: सीडब्लूसी ने किशोरी को सौंपने से किया इन्कार

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कानपुर। नौबस्ता के हंसपुरम निवासी जिस किशोरी को नौबस्ता पुलिस ने राजस्थान के जयपुर में दबिश देकर ढूंढ़ निकालने के बाद सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) के हवाले किया था, वह फिलहाल सीडब्ल्यूसी के पास ही रहेगी। जांच में राजस्थान जाने से पहले किशोरी की शादी होने की बात सामने आने के बाद परिवार की भूमिका संदिग्ध मानते हुए फिलहाल उसे सुपुर्दगी में देने से इन्कार कर दिया है। अभी वह कल्याणपुर स्थित बालिका गृह में है।
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पुलिस जांच में इस बात का खुलासा हुआ था कि किशोरी का छह माह पूर्व शहर में ही बाल विवाह हुआ था। पति से नाराजगी के बाद वह मायके आकर रहने लगी, जहां उसकी मुलाकात आरोपी सौरभ मिश्रा की पत्नी से हुई। इस दौरान सौरभ ने उसे जाल में फंसाने के लिए बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने का ऑफर दिया था। सौरभ ने उसके परिवार वालों से उसका रिश्ता कहीं अच्छी जगह कराने का भरोसा दिया था। 29 मार्च को वह किशोरी को जयपुर ले गया। जहां उसने उसे फाउंडेशन चलाने वाली गायत्री को ढाई लाख में बेच दिया। गायत्री ने शादी के नाम पर नारथम नाम के युवक को साढ़े तीन लाख रुपये में किशोरी बेच दी। किशोरी यहां से भाग कर वापस गायत्री के पास पहुंच। सात अप्रैल को उसके चंगुल से छूटने के बाद किशोरी ने पति को ही फोन कर अपने वहां होने की जानकारी दी थी। उसके पति ने किशोरी के माता-पिता को इसके बारे में बताया तब जाकर उन लोगों ने नौ अप्रैल को नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने अब तक गायत्री और उसके कार चालक हनुमान सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। सौरभ और नारथम की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। एडीसीपी साउथ महेश कुमार ने बताया कि किशोरी को परिजनों के सुपुर्द नहीं किया गया है। किशोरी के पहले विवाहित होने की बात सामने आई है।
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