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Kanpur News: गैंगस्टर मामले में भी अवनीश को मिली हाईकोर्ट से जमानत

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कानपुर। करोड़ों रुपये की नजूल की जमीन पर कब्जे के मामले में फंसे अवनीश दीक्षित के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी की गई थी। अवनीश को गैंगस्टर के मुकदमे मेंं भी हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है, लेकिन अभी अवनीश की जेल से रिहाई नहीं हो सकेगी। पुराने मुकदमों में तो अवनीश को जमानत मिल चुकी है, लेकिन पिछले दिनों अवनीश का एक नए मुुकदमे में भी रिमांड ले लिया गया। इसमें जमानत मिलने के बाद ही अवनीश की रिहाई संभव हो सकेगी।
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कोतवाली में 28 जुलाई 2024 को दो एफआईआर दर्ज हुई थींं। एक रिपोर्ट लेखपाल विपिन कुमार ने नजूल की जमीन पर कब्जा करने के आरोप में तो दूसरी रिपोर्ट वहां रहनेे वाले सैमुअल गुरुदेव सिंह ने डकैती के मामले में दर्ज कराई थी। अवनीश के खिलाफ 18 दिसंबर 2024 को कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसमें अवनीश के अलावा हरेंद्र कुमार मसीह, राहुल वर्मा, विक्की चाल्र्स, संदीप शुक्ला, कमला एरियल, अभिषेक एरियल, अर्पण एरियल, अली अब्बास, जितेश झा, जितेंद्र शुक्ला, विवेक पांडे, मनोज यादव, मो.वसीम खान और अखलाक अहमद को आरोपी बनाया गया था। पुलिस का कहना था कि इनका संगठित गिरोह है और यह लोग अपने आर्थिक लाभ के लिए सरकारी जमीनों पर कब्जा, डकैती, लोगों को धमकाकर वसूली, छेडख़ानी, हत्या की कोशिश करते हैं। सरकारी जमीन पर कब्जे और डकैती समेत पुराने सभी 17 मुकदमों में अवनीश को जमानत मिल चुकी थी। गैंगस्टर के मुकदमे में जमानत के साथ ही उसकी रिहाई भी संभव थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने पिछले दिनों एक अन्य मुकदमे में अवनीश को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अभी इस मुकदमे में जमानत नहीं हो सकी है।
वहीं अवनीश के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित का आरोप है कि पुलिस अवनीश के जमानतगीरों को भी डरा-धमका रही है। उन पर जमानत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। एक जमानतगीर ने जमानत वापस लेने के लिए सीजेएम कोर्ट में अर्जी भी दाखिल की है। अधिवक्ता का कहना है कि पुलिस का यह कृत्य न्यायालय की अवमानना है।
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