कानपुर। अनुसंधान, सॉफ्टवेयर विकास और नवाचार के क्षेत्र में काम करने के लिए छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) और आईबीएम साथ आए हैं। रविवार को दोनों के बीच एमओयू साइन हुआ। साझेदारी का उद्देश्य छात्रों को जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है।
समझौते के तहत आईबीएम अपने अत्याधुनिक एआई टूल्स, क्लाउड प्लेटफॉर्म और तकनीकी संसाधन विश्वविद्यालय के छात्रों को उपलब्ध कराएगा। कंपनी के विशेषज्ञ ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से प्रशिक्षण, मेंटरशिप और उद्योग आधारित प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने के अवसर प्रदान करेंगे। छात्रों को वास्तविक औद्योगिक समस्याओं को समझने और समाधान विकसित करने का अनुभव मिलेगा।
करार के अंतर्गत एक वृहद हाइब्रिड हैकाथॉन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आईबीएम की उन्नत जेनएआई कोडिंग तकनीकों का उपयोग होगा। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार के प्रस्तावित “एआई मंथन 2026” के प्री-इवेंट के रूप में आयोजित किया जाएगा।
यह समझौता प्रदेश के तकनीकी भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम है, जो छात्रों को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़कर उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
- प्रो. विनय कुमार पाठक, कुलपति, सीएसजेएमयू
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जनरेटिव एआई नवाचार को लोकतांत्रिक बना रही है, जिससे हर क्षेत्र के छात्र अपने विचारों को डिजिटल समाधान में बदल सकेंगे।
- विशाल चहल, वाइस प्रेसिडेंट आईबीएम