फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: सीएसजेएमयू चार शोध पीठ शुरू करने वाला पहला विश्वविद्यालय

विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) विभिन्न धार्मिक विचारधाराओं से जुड़ी चार शोध पीठ शुरू करने वाला पहला विश्वविद्यालय बन गया है। इनके माध्यम से न केवल शोध कार्य होंगे बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। शोध पीठों का नामकरण विभिन्न विषयों और महान विभूतियों के नाम पर किया गया है।
विज्ञापन


पंडित दीन दयाल शोध पीठ में ज्योतिर्विज्ञान में परास्नातक, वास्तुशास्त्र में पीजी डिप्लोमा और कर्मकांड में डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसमें एमए ज्योतिर्विज्ञान की 68 सीटें, वास्तुशास्त्र में 25 और कर्मकांड में 38 सीटें निर्धारित हैं।

इसी तरह श्रीमद्भगवद्गीता एवं वैदिक वाङ्मय शोध पीठ में गीता के श्लोकों, उनके दार्शनिक अर्थ, नैतिक शिक्षाओं और जीवन प्रबंधन से जुड़े सिद्धांतों का अध्ययन कराया जा रहा है। भविष्य में इसे माइनर पेपर के रूप में भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन


आचार्य विद्यासागर सुधासागर जैन शोध पीठ में जैन धर्म के सिद्धांतों, दर्शन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन पर कार्य किया जा रहा है। यह पीठ प्राकृत भाषा और जिनागम के मूल्यों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने का कार्य भी कर रही है। यहां प्राचीन पांडुलिपियों और ग्रंथों का विश्लेषण, संपादन और प्राकृत भाषा का पुनरुद्धार किया जा रहा है।

जैन शोध पीठ शोधार्थियों को इस योग्य बना रही है कि वह अनुवाद, शिक्षा, पर्यटन और संग्रहालय विज्ञान जैसे क्षेत्रों में कॅरिअर बना सकें। विश्वविद्यालय में स्नातक और परास्नातक स्तर पर प्राकृत भाषा और जैनदर्शन के कोर्स संचालित हो रहें है।


श्री गुरु तेग बहादुर शोध पीठ में गुरु के जीवन, शिक्षाओं और बलिदान पर शोध को प्रोत्साहित किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. दिवाकर अवस्थी ने बताया कि इन शोध पीठों का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, दर्शन और संस्कृति को संरक्षित करते हुए उन्हें आधुनिक शिक्षा से जोड़ना है। इन कोर्सों से विभिन्न संस्थानों में रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें