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अब जामुन के साथ बीज भी खा सकेंगे, सीएसए के वैज्ञानिक ने विकसित की नई प्रजाति

Sun, 31 Mar 2019 03:53 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक फोटो
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कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के उद्यान विज्ञान विभाग द्वारा शनिवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आईसीएआर के कास्ट प्रोजेक्ट के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने विभिन्न फसलों की खेती पर छात्रों को टिप्स दिए।
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लखनऊ के सीआईएसएच के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. घनश्याम पांडेय ने जामुन की नई प्रजाति के बारे में छात्रों को बताया। कहा कि सीआईएसएच-जे 42 नाम से जामुन की नई प्रजाति तैयार की गई है। इसके फल के बीज को भी खाया जा सकता है।

बीज ऐसा होगा कि उसे गूदे के साथ चबाया जा सकता है। आईसीएआर के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. दुष्यंत मिश्रा ने सामान्य तापमान में सेब की खेती करने का तरीका बताया। उन्होंने बताया कि अब सेब की नई प्रजातियां आ गई हैं, जिसे उत्तर प्रदेश के लोग भी अपने यहां लगा सकते हैं।

उपकार के एडीजी डॉ. संजीव कुमार बतौर मुख्य वक्ता शामिल हुए। उन्होंने छात्रों को आम तोड़ने का सही तरीका बताया। कहा कि यह जानकारी किसानों तक भी पहुंचाई जाए, ताकि गर्मी के सीजन में आम का अच्छा बाजार तैयार किया जा सके।
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बताया कि हमेशा आम को डेढ़ से दो इंच के डंठल के साथ तोड़ना चाहिए। अगर गलती से बगैर डंठल के आम टूटता है तो उसे उल्टा करके बीस से 25 मिनट तक जमीन पर रख देना चाहिए। इससे आम लंबे समय तक ताजा रहता है।

कार्यक्रम प्रभारी डॉ. वीके त्रिपाठी ने छात्रों को फलदार पौधों की खेती के टिप्स दिए। कुलपति प्रो. सुशील सोलोमन ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान डीन कृषि संकाय प्रो. पूनम सिंह, डॉ. डीआर सिंह, डॉ. एचजी प्रकाश, डॉ. अशोक कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।
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