जिले में गत दिनों हुई बारिश से किसान अभी उबर नहीं सके हैं और उससे पहले
ही बादल फिर फसलों पर तबाही की लेकर आ रहे हैं।
फरवरी की
शुरूआत में झमाझम बारिश के बाद हुए नुकसान के बाद किसान सदमे में हैं। वहीं शनिवार को सुबह से ही गहराए बादलों ने किसानों को परेशान
कर दिया। मार्च के महीने में पकी हुई फसल पर बारिश की बूंदें लगातार तबाही
ला रही हैं। वहीं खेतों में आलू की फसल सड़ रही है। जबकि गेहूं और सरसों
में नुकसान बढ़ रहा है।
जिले में जो किसान फरवरी तक फसलों को देखकर फूले
नहीं समा रहे थे। वह किसान मार्च का महीना आते ही अपनी किस्मत को कोसने लगे
हैं। बादलों ने मार्च की शुरूआत से ही ऐसी बारिश शुरू की कि बढ़िया फसलों
की उम्मीद लगाए किसान रो रहे हैं। किसान खेतों में भरे पानी को किसी तरह से
निकालकर बची-खुची फसल को बचाने में लगे हुए थे। कि ऐसे में शनिवार को
बारिश की आशंका के चलते किसानों की चिंताएं दोबारा से बढ़ने लगी हैं।
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डा. अनिरुद्ध
दुबे ने बताया कि हवाओं का रुख बदलने से आसमान में बदली छाई हुई है। फिलहाल
कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है।