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मोहम्मद उजैर हत्याकांड: पुलिस की गिरफ्त में आरोपी, एसपी ने खोले कई राज

Sat, 28 Sep 2019 12:14 PM IST
शिखा पांडेय क्राइम डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के फर्रुखाबाद में सात दिन पहले शहर में सरेशाम अपहरण के बाद जरदोजी कारीगर के पुत्र उजैर की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने मोहल्ले के ही युवक आसिफ को गिरफ्तार कर लिया है। वह बच्चे को बकरी ढूंढने के बहाने उसे लेकर गया था। वहां कुकर्म के लिए दबाव बनाया, लेकिन उजैर ने घर पर कह देने की बात कही। भेद खुलने के डर से बच्चे की रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी और शव कुएं में फेंककर वापस घर चला आया।
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शहर कोतवाली के मोहल्ला छोटा बंगशपुरा निवासी जरदोजी कारीगर यूसुफ अंसारी के आठ साल के पुत्र मोहम्मद उजैर का 19 सितंबर की शाम अपहरण कर लिया गया था। 20 सितंबर की सुबह घर से 500 मीटर की दूरी पर एक कुएं में उसका शव बरामद हुआ था। एसपी डॉ. अनिल मिश्र ने घटना का शीघ्र खुलासा करने के निर्देश कोतवाली पुलिस को दिए थे।

एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ सिटी मन्नीलाल गौड़ ने कोतवाली में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि कोतवाल और उनकी टीम ने गुरुवार दोपहर मोहल्ला जटवारा जदीद निवासी मोहम्मद शईद के पुत्र आसिफ को दूल्हे शाह दरगाह के पास से गिरफ्तार किया है। अभियुक्त ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसकी गलत आदत पड़ गई थी। छोटे बच्चों को लालच देकर गलत काम करता था। खासकर बकरी चराने वाले छोटे बच्चों को टारगेट करता था। 19 सितंबर की शाम सात बजे वह छोटा बंगशपुरा गया था। वहां मस्जिद के बाहर उजैर मिल गया।

उसने खोई हुई बकरी ढूंढवाने की बात कही, तो उजैर राजी हो गया। उसे खेतों की तरफ नाले पार ले गया। वहां गलत काम को कहा, तो उजैर राजी नहीं हुआ। उसने घर पर कह देने की बात कही, तो भेद खुलने के भय से वह डर गया। वहीं, उजैर का गला दबा दिया। उसके पहने नेकर के नाड़े से गला कस कर हत्या कर दी। पहले टी-शर्ट उतारकर हाथ बांधने का प्रयास किया, लेकिन नहीं बंध सके। फिर उसी नाड़े से हाथ भी बांधे और पास के ही कुएं में उसे फेंक दिया। टी-शर्ट भी वहीं फेंक दी। जब घर आ रहा था, तो रास्ते में उजैर का भाई जुनैद दिखा, लेकिन उसने उसकी तरफ देखा नहीं। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम को एएसपी ने पुरस्कृत करने की घोषणा की।

घटना के दिन ही पुलिस को मिल गई थी टी-शर्ट
चर्चित मोहम्मद उजैर हत्याकांड का पुलिस ने अभियुक्त आसिफ को गिरफ्तार कर खुलासा तो कर दिया, लेकिन पूरी घटना के खुलासे में कई कमियां भी बनी रहीं। कोतवाली पुलिस यदि एसपी डॉ. अनिल मिश्र की बात पर ध्यान देती, तो अभियुक्त दूसरे ही दिन दबोच लिया जाता। टी-शर्ट मिलने का ढोंग शव मिलने के दूसरे दिन रचा गया, वह पुलिस की स्क्रिप्ट थी। क्योंकि अमर उजाला ने बड़ी घटना में भी डॉग स्क्वॉयड के न बुलाने का मामला उसी दिन उठा दिया था।

जरदोजी कारीगर यूसुफ अंसारी के पुत्र मोहम्मद उजैर का 19 सितंबर की शाम अपहरण के बाद हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया गया था। 20 सितंबर को शव बरामद होने के बाद मौके पर जांच करने पहुंचे एसपी डॉ. अनिल मिश्र ने निर्देश दिए थे कि उस व्यक्ति को बुलाओ जिसने सबसे पहले कुएं में शव देखा। इस तरफ कोतवाली पुलिस और जांच अफसरों ने कोई ध्यान नहीं दिया। जबकि इसी आसिफ ने ही कुआं सबसे पहले दिखाया था।

अब पुलिस पूछताछ और जांच के नाम पर एक के बाद एक, दर्जन भर लोगों को हिरासत में लेती रही और अपने हथकंडों से उनसे पूछताछ करके छोड़ती रही। गुरुवार को जब पुलिस ने केस खोला, तो यह उसी ने साबित कर दिया कि घटना में सिर्फ एक ही अभियुक्त था। पुलिस ने जो अपनी खुलासे की स्क्रिप्ट लिखी, उसमें भी टीशर्ट को घासफूस में फेंकने की बात कही गई है, न कि छिपाने की। दूसरे दिन जब टी-शर्ट मिली, तो वह कुएं को जाने वाले रास्ते पर ऊपर ही पड़ी थी।

घटना वाली रात और दूसरे दिन कई मोहल्लों के हजारों लोग और पुलिस के खुद अफसर वहां से निकलते रहे थे। किसी को भी फेंकी गई टी-शर्ट न दिखाई दी। जबकि प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि टीशर्ट तो उसी दिन पुलिस को मिल गई थी, जिस दिन लाश मिली थी। जब ‘अमर उजाला’ ने ‘फारेंसिक टीम, डॉग स्क्वायड भी न बुलाए’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद जब बड़े अफसरों ने इस तथ्य को कोड किया, तो जांच टीम ने टी-शर्ट वहां पहुंचाई। फिर डॉग स्क्वायड और फारेंसिक टीम बुुलाकर पड़ताल की गई। 
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कहां गायब हो गया आला कत्ल नाड़ा
उजैर की आसिफ ने उसके हाफ नेकर के नाड़े से उसका गला कसकर हत्या की थी। उसी नाड़े के दूसरे हिस्से से दोनों हाथों से पीछे बांधा था। जब उजैर को कुएं से निकाला गया, तो नाड़ा वहीं खोल दिया गया था। इसके बाद वह कहां गायब हो गया, आज तक पता नहीं चल सका है। जबकि वही नाड़ा उजैर की हत्या का आलाकत्ल है।

पीएम हाउस पर नहीं गया था आसिफ
पुलिस ने 20 सितंबर को पोस्टमार्टम के दौरान आसिफ को वहां बुलाने के लिए प्रयास किए थे, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा था। बावजूद इसके उसी दिन उसकी तलाश शुुरू नहीं की गई। जबकि उसे तभी दबोच लिया जाता, तो सात दिन इंतजार न करना पड़ता।

उजैर की टी-शर्ट पर मिले धब्बों का आरोपी के खून से कराया जाएगा मिलान
फॉरेंसिक टीम के वैज्ञानिक ओमप्रकाश ने टी-शर्ट उन धब्बों के नमूने एकत्र कर परीक्षण किया। इसमें एंजाइम की पुष्टि हो गई। फॉरेंसिक टीम पकड़े गए आरोपी आसिफ के खून का सैंपल लेकर बालक उजैर की टी-शर्ट पर मिले एंजाइम से उसका मिलान कर आएगी। दोनों सैंपल प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे। टीम के एक्सपर्ट की मानें तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो यह मुकदमे में एक मजबूत साक्ष्य होगा।
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