घटना के वक्त घर पर पति-पत्नी के अलावा दो बच्चे और निकेश की मां दुर्गा अधिकारी मौजूद थे। निकेश के बेटे नीतिश ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात को पिता और मां में कहासुनी हुई थी।
कहासुनी के बाद परिवार के लोग सो गए। सुबह पांच बजे नींद खुलने पर मां के न होने पर पिता से पूछा तो उन्होंने कहा कि वह बाहर गई है। बाद में पता चला कि उनकी मां की मौत हो गई है।
इधर, निकेश पत्नी की हत्या करने के बाद झनकइया थाने पहुंचा और वहां आत्मसमर्पण कर दिया। थाना प्रभारी प्रदीप राणा ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने निकेश की निशानदेही पर घर से कुछ दूरी पर झाड़ियों से उसकी पत्नी का शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मौका मुआयना करने के बाद एएसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि अवैध संबंधों के शक में हत्या करने की बात सामने आई है। देर शाम पीलीभीत से पहुंचे मृतका के भाई राकेश मंडल की तहरीर पर हत्यारोपी पर धारा 302 और 201 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
मीरा एक महीने दिल्ली में रहकर बृहस्पतिवार को ही घर आई थी। पति निकेश ने पूछताछ में बताया कि मीरा घर पर बहुत कम रहती थी। इसको लेकर कई बार उनमें झगड़ा होता रहता था। मीरा की शादी 1999 में हुई थी। उसका मायका ग्राम भरतपुर थाना न्यूरिया जिला पीलीभीत (यूपी) में है। उसके तीन बेटे नीलकांतो, नीतिश और सदेश क्रमश: 18, 16 और 14 वर्ष के हैं।
फोरेंसिक टीम ने लिए नमूने
रुद्रपुर से आई फोरेंसिक टीम में शामिल दीपक शर्मा और दीपक चौहान ने मृतका के घर पहुंचकर कमरे से फिंगर प्रिंट और शव मिलने वाले स्थान की जांच पड़ताल कर साक्ष्य लिए और परिजनों से पूछताछ की।
बहू की मौत के बाद सास दुर्गा अधिकारी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। एक तरफ बेटे को जेल और बहू की मौत के बाद तीन नातियों की देखभाल अब उनके कंधों पर है। दुर्गा अधिकारी ने बताया कि उनके पति निरंजन अधिकारी पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे हैं जो अस्पताल में भर्ती हैं।
उनके इलाज में काफी पैसा लग चुका है। बड़ा नाती नीलकांतो और सबसे छोटा नाती सदेश दिल्ली में पढ़ाई करते हैं तथा मझला नाती नीतिश मेलाघाट के अशोक फार्म में कक्षा 10 में पढ़ता है। वह बताती हैं कि उनके दो छोटे बेटे दिल्ली में रहते हैं। वहीं रहकर नीलकांतो और सदेश पढ़ाई करते हैं। बूढ़ी मां नातियों की परवरिश को लेकर बेहद चिंतित है।