अजीतगंज बाबूपुरवा में एक दरिंदे ने शुक्रवार रात ढाई साल की बच्ची को घर के बाहर से अगवा करके बलात्कार किया और फिर उसकी हत्या कर शव सीओडी नर्सरी के जंगल में फेंक दिया। शनिवार दोपहर शव मिला। डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर छानबीन की लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। रेलबाजार पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रेप और हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। गला दबाकर हत्या की आशंका है।
अजीतगंज में कबाड़ की फेरी लगाने वाला एक शख्स पत्नी और सात बच्चों के साथ रहता है। कबाड़ी की पत्नी ने बताया कि शुक्रवार रात करीब साढ़े 10 बजे उन्होंने अपनी ढाई साल की बेटी को पास की दुकान से दालमोठ लाने को भेजा था। इसके बाद वह घर में खाना खाने के बाद सो गई। चार बच्चे घर के बाहर पड़े तख्त पर सो रहे थे। उन्होंने सोचा कि बेटी भी तख्त पर सो गई होगी। रात करीब 11 बजे वह बेटी को घर के भीतर लाने के लिए उठीं तो देखा तख्त पर बेटी नहीं थी। नाते-रिश्तेदारों के साथ बच्ची को आसपास के इलाकेमें तलाशा लेकिन कुछ पता नहीं चला। कबाड़ी की पत्नी के मुताबिक शनिवार सुबह वह बाबूपुरवा थाने बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराने गईं पर पुलिस ने टरका दिया। फिर उन्होंने वूमेन पॉवर हेल्पलाइन (1090) और कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद भी पुलिस हरकत में नहीं आई। सुबह से परिवार और मुहल्ले के लोग बेटी की तलाश में भटक रहे थे। दोपहर करीब दो बजे उनकी गोविंद नगर में रहने वाली बहन को किसी ने खबर दी कि सीओडी नर्सरी के जंगल में एक बच्ची का शव पड़ा है। परिवार के लोग वहां पहुंचे और शव की पहचान की। सूचना पाकर एसपी क्राइम अजय कुमार सिंह, सीओ बाबूपुरवा ज्ञानेंद्र सिंह, सीओ कलक्टरगंज ममता कुरील, कैंट और बाबूपुरवा सर्किल का फोर्स मौके पर पहुंचा और छानबीन की। रेलबाजार एसओ श्रवण कुमार यादव ने बताया कि बच्ची के सिर और माथे पर चोट और गले में निशान नजर आए हैं। बच्ची के मुंह से झाग निकल रहा था। बच्ची के पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रेप और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर दरिंदे की तलाश की जा रही है।
बोलने और चल फिर पाने में असमर्थ थी
दरिंदगी की शिकार बच्ची का स्वास्थ्य ठीक नहीं था। परिजनों के मुताबिक बच्ची लिवर रोग से पीड़ित थी। शरीर से कमजोर थी। वह बोल नहीं सकती थी। ठीक से चल फिर भी नहीं पाती थी। कदम दो कदम चलने के बाद वह गिर जाती थी। परिजनों का मानना है कि दरिंदा बच्ची को उठा कर ले गया। फिर रेप के बाद उसकी हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया।