शहर में बिना लाइसेंस के करीब एक दर्जन हुक्का बार नियम-कानून के दांवपेच में फंस गए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन इन्हें लाइसेंस देने को तैयार नहीं है। आबकारी विभाग हुक्का को अपनी परिधि से बाहर बता रहा है।
आर्यनगर के हुक्का रेस्टोरेंट को टाइटल तक बदलना पड़ रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने जिला तंबाकू मुक्त घोषित होने और हुक्का नाम पर आपत्ति करते हुए लाइसेंस के नवीनीकरण से इनकार कर दिया है।
शहर में कई हुक्का बार चल रहे हैं। इनके संचालकों का दावा है कि इनमें तंबाकू नहीं होती। अलग-अलग फ्लेवर का हुक्का पिलाया जाता है। इन हुक्का बार में ज्यादातर किशोर और युवक पहुंचते हैं। हुक्का के साथ रेस्टोरेंट चलाने वालों को खाद्य सुरक्षा विभाग ने खान-पान का लाइसेंस तो दे दिया है, लेकिन हुक्का का लाइसेंस देने से इनकार कर दिया है।
उनका कहना है कि नियमावली में हुक्का बार को लाइसेंस देने का प्रावधान नहीं है। यह विभाग जब नगर निगम के पास था तब कुछ प्रावधान थे। इधर, केमी क्रोम इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने सिटी क्लब में हुक्का बार का लाइसेंस मांगा तो इनकार कर दिया गया। कंपनी अब इस मामले को हाईकोर्ट ले जाने पर विचार कर रही है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग नोडल अफसर, -एसएच आबिदी ने बताया कि हुक्का खाद्य या पेय पदार्थ नहीं है। हुक्का बार के लाइसेंस पहले नगर निगम जारी करता था। कुछ लोग कोर्ट के आदेश की रूलिंग लेकर आए थे, लेकिन उसमें भी ऐसा नहीं कहा गया है। हुक्का रेस्टोरेंट के नाम पर जिला तंबाकू मुक्त घोषित होने के कारण आपत्ति जताई थी। संचालक नाम बदलने पर राजी हो गए हैं।