'अंधेर नगरी चौपट राजा' कहानी ताे अापने सुनी ही हाेगी अगर नहीं ताे हम अापकाे उन्नाव जिले की एक कहानी सुनाते हैं। यहां भी हाल कुछ एेसा ही है कि नगरी भी अंधेर है अाैर राजा ताे चाैपट है ही। 12 बेड अाैर मरीज 32 जिनका अाॅपरेशन टार्च की रोशनी में हुअा। जानिये क्या है पूरा मामला।
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आंखों का आपरेशन करने और बाद में मरीजों को जमीन पर लिटाया गया
अाॅपरेशन करते डाॅक्टर
उन्नाव की नवाबगंज सीएचसी में टार्च की रोशनी में आंखों का आपरेशन करने और बाद में मरीजों को जमीन पर लिटाने के मामले में शासन ने कड़ी कार्रवाई की है। शासन ने सीएचसी प्रभारी डा. देवेश दास को निलंबित कर दिया। सीएमओ डा. राजेंद्र प्रसाद को भी पद से हटा दिया गया है। डा. राजेंद्र के स्थान पर डा. शैलेंद्र कुमार को उन्नाव का सीएमओ बनाया गया है। डीएम के निर्देश पर एसडीएम हसनगंज ने जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को उन्होंने दोपहर से देर शाम तक सीएचसी में जांच की। इसके बाद सीएमओ आफिस में जांच कर रहे हैं। अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत सोमवार को नवाबगंज में एनजीओ ओम जगदंबा सेवा समिति की ओर से आंखों के आपरेशन के लिए शिविर लगाया गया था। शिविर में आपरेशन के लिए 36 मरीज चिह्नित किए गए थे।
आपरेशन के दौरान बिजली चले जाने से टार्च की रोशनी में अाॅपरेशन
मरीजाें काे अंधेरे में लिटाया गया
देर रात कानपुर से आए डाक्टर नूतन श्रीवास्तव ने सीएचसी में 32 मरीजों की आंखों का आपरेशन किया। आपरेशन के दौरान बिजली चले जाने से टार्च की रोशनी के सहारे कई मरीजों के आपरेशन किए गए थे। बेड न खाली होने से कई मरीजों को जमीन पर ही लिटा दिया गया था। मंगलवार सुबह मामला जानकारी में आते ही एसडीएम हसनगंज मनीष बंसल, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य अवधेश यादव, सीएमओ डा. राजेंद्र प्रसाद, एडीशनल सीएमओ डा. आरके गौतम, नोडल अधिकारी डा. अर्जुन सारंग व डा. नरेंद्र सिंह जांच के लिए नवाबगंज सीएचसी पहुंच गए। जांच के दौरान सबसे पहले मरीजों से बात की गई। वहीं आपरेशन थियेटर का निरीक्षण करने के बाद बिजली आपूर्ति ठप होने का कारण पूछने के साथ ही जनरेटर के संबंध में चिकित्सा प्रभारी से सवाल किया गया।
जांच के दौरान समिति की लापरवाही सामने आ गई
डेमो पिक
जांच में अधिकारियों को पता चला कि आपरेशन के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न होने पाए इसको लेकर न अस्पताल प्रबंधन ने इंतजाम किए और न ही एनजीओ ने। ऐसे में बिजली जाने के बाद डाक्टर ने टार्च की रोशनी में आपरेशन कर दिए। संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य अवधेश यादव व एसडीएम मनीष बंसल ने सीएचसी स्टाफ के बयान दर्ज किए हैं। देर रात तक नवाबगंज सीएचसी में जांच चलती रही। कानपुर की ओम जगदंबा सेवा समिति पिछले आठ सालों से नेत्र शिविर जांच का आयोजन करती आ रही है। सोमवार को नेत्र शिविर में समिति की ओर से लापरवाही बरती गई। समिति की ओर से मरीजों के लिए उचित प्रबंध नहीं किए गए थे। मंगलवार को जांच के दौरान समिति की लापरवाही सामने आ गई।
ऐसे में स्वास्थ्य अधिकारी समिति पर भी कार्रवाई की बात कह रहे हैं। वहीं इसी एनजीओ की ओर से 25 दिसंबर को एक और कैंप कराया जाना था। इमरजेंसी में तैनात डा. आरके गौतम ने कुछ मरीजों को गद्दे उपलब्ध कराए थे। इंसेट सर्जन न होने से नहीं हो रहे थे ऑपरेशन नवाबगंज सीएचसी में सर्जन न होने से पिछले कई सालों से ऑपरेशन नहीं हो रहे थे। इसके बावजूद सोमवार को एनजीओ की ओर से बिना सर्जन की मौजूदगी में आंखों के आपरेशन किए गए। अंधता निवारण अभियान के नोडल अधिकारी डा. अर्जुन सारंग ने बताया कि जिले में पुरवा व हसनगंज के अलावा जिला अस्पताल में ही आंखों के आपरेशन होते हैं। एनजीओ ने सीएमओ डा. राजेंद्र प्रसाद से अनुमति लेकर यहां आंखों के आपरेशन किए।