सपा देहात जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह उर्फ कल्लू यादव के छोटे भाई सुभाष यादव (42) की रविवार सुबह कनपटी पर गोली लगने से मौत हो गई।
उनका शव स्टोर रूम में पड़ा मिला जिससे प्रथम दृष्टया माना गया कि उन्होंने खुद को गोली मारकर खुदकुशी की है लेकिन देर रात मामला काफी उलझ गया जब एसएसपी ने बताया कि मौके से 9 एमएम के दो खोखे मिले हैं। सुसाइड करने वाला दो गोली कैसे चला सकता है? यह बात किसी को समझ नहीं आ रही।
इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ एसपी और फोरेंसिक टीम को अपनी रिपोर्ट के साथ बुलाया गया है। दोनों से बातचीत के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। सबसे खास बात यह कि सुभाष के शव के पास से पुलिस को जो खोखे मिले, उस पर 9एमएम लिखा था। 9 एमएम प्रतिबंधित बोर होता है जिसका हथियार आम लोग नहीं रख सकते।
अब सवाल यह उठता है कि क्या गोली 9 एमएम की पिस्टल से चली? अगर हां, तो सुभाष के पास यह प्रतिबंधित हथियार कहां से आया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि गोली सिर के आर-पार हो गई है। वहीं जिलाध्यक्ष के मुताबिक डिप्रेशन के चलते सुभाष ने खुदकुशी की है।
कल्लू यादव का घर लखनपुर हाउसिंग सोसाइटी (डबल रोड) पर है। यहीं सुभाष भी रहते थे। घटना सुबह लगभग साढ़े आठ बजे हुई। बकौल कल्लू यादव, वह पड़ोसी के घर में बैठे थे तभी गोली चलने की आवाज सुनी। परिजनों की चीखें सुनकर वह घर पहुंचे तो देखा स्टोर रूम में सुभाष लहूलुहान पड़े थे। पास ही पिस्टल पड़ी थी।
सुभाष की मौत होने पर पिता छोटेलाल बेहोश होकर गिर पड़े। बाद में पहुंची फोरेंसिक टीम ने कमरे और स्टोर रूम की छानबीन की। जब टीम शव के पास पहुंची तो महिलाओं ने रोक दिया। लोगों ने उन्हें समझाया, तब शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा जा सका।
सीओ आतिश कुमार सिंह ने बताया कि डिप्रेशन को खुदकुशी की वजह माना गया है। पिस्टल जांच के लिए भेजी जाएगा। किसी भी शख्स ने अभी तक कोई आरोप नहीं लगाया है।
सुभाष के परिवार में पत्नी रेखा, दो बेटे और एक बेटी हैं। बेटा दिल्ली में पढ़ता है। कल्लू का कहना है कि वर्ष 2001 में घर में इनकम टैक्स का छापा पड़ा था। तभी से भाई डिप्रेशन में था। तबसे इलाज चल रहा था। भाई ही घर और कामकाज की निगरानी और हिसाब रखता था।