शमसाबाद के गुनहगारों की पहचान करने में जुटी पुलिस के सामने कुछ ऐसे चेहरे आए हैं, जो दिखने में मासूम हैं, लेकिन इनके हाथों में पत्थर, छुरे और कांच की बोतलें थे। ये नाबालिग भी सांप्रदायिक हिंसा में शामिल रहे। पुलिस के सामने दिक्कत यह है कि अगर इन्हें गिरफ्तार किया जाए, तो तनाव बढ़ सकता है। अगर न पकड़ा जाए, तो इन्हें सबक कैसे मिलेगा? फिलहाल पुलिस रिकार्ड में इन सभी का नाम-पता दर्ज किया जा रहा है।
मोहल्ला टोला के बवाल में पुलिस ने चेहरे पहचाने हैं। इनमें 15 नाबालिग निकले हैं। 10 की उम्र तो लगभग 15 साल है। कई तो ऐसे हैं, जिनके पिता या चाचा उनके पास ही खड़े पथराव कर रहे थे। मतलब एक साथ दो पीढ़ी बवाल में शामिल रहीं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि नाबालिगाें की गिरफ्तारी अभी नहीं की जाएगी। इनके जो परिवारीजन बवाल में शामिल रहे, उन्हें पकड़ा जाएगा। बच्चों की गिरफ्तारी के बारे में फैसला बाद में होगा। जिन्हें बाद में पकड़ा जाएगा, उनकी गिरफ्तारी जुवेनाइल एक्ट केतहत होगी।
हिंसा की आशंका पर धिमिश्री
में नहीं लगने दी पशु हाट
आगरा। शमसाबाद के गांव धिमिश्री में प्रत्येक रविवार को लगने वाली पशु हाट में बलवे की आशंका पर पुलिस प्रशासन ने हाट नहीं लगने दी। मंगलवार को कस्बे में लगने वाली हाट पर भी आशंका के बादल मंडरा रहे हैं। शमसाबाद में चार दिन से चल रही सांप्रदायिक हिंसा के बाद पुलिस प्रशासन कस्बे में होने वाली हर गतिविधि पर निगाह रखे हुए है। धिमिश्री में हर रविवार को लगने वाली पशु हाट में दूरदराज से पशु व्यापारी अपने पशुओं की खरीद फरोख्त करने आते हैं। हाट में कस्बे के साथ ही राजस्थान तक से पशु व्यापारी आते हैं। अफसरों को सूचना मिली थी कि हाट में इस दफा समुदाय विशेष के लोगों के साथ हिंसा हो सकती है। इस पर धिमिश्री में पुलिस अधिकारी पहुंचे। उन्होंने हाट नहीं लगने दी। एसएसपी राजेश डी मोड़क ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि हाट में बलवे की आशंका की जानकारी मिली थी। इसके चलते हाट नहीं लगने दी गई। बता दें, कस्बे में प्रत्येक मंगलवार को भी हाट लगती है। इस हाट पर भी अब संशय है।
कस्बा तुम्हारा है, तुम्हें संभालना है
एसएसपी ने कहा, बेवजह किसी का उत्पीड़न नहीं करेगी पुलिस
शमसाबाद में चार दिन बाद भी व्यापारी बाजार खोलने को तैयार नहीं हैं। उन्हें डर है कि कहीं पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर ले। रविवार को भी बाजार नहीं खोला गया। शनिवार को खोली गईं चंद दुकानें भी रविवार को बंद हो गईं। ठेल ढकेल वाले भी सड़कों पर नहीं आए। इस पर एसएसपी राजेश डी. मोड़क ने कस्बे के कुछ व्यापारियों को थाने बुलाकर बातचीत की। एसएसपी ने कहा कि बलवे के बाद वे चाहते तो ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां कर सकते थे, लेकिन ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं किया गया कि माहौल बिगड़ेगा। निर्दोष भी फंस सकते हैं। कई दफा हम चाहकर भी ये पता नहीं लगा पाते कि कौन निर्दोष है और कौन दोषी। कस्बे के लोग पहले भी तो मिलजुलकर रह रहे थे। झगड़ा दोनों पक्षों में हुआ है। गलती दोनों ओर से हुई। कस्बा तुम्हारा है, तुम्हें संभालना होगा। एक दूसरे से दुश्मनी रखकर लंबे समय तक कैसे रहा जा सकता है? दोनों ही समुदायों के मुअज्जिज लोगों को सोचना होगा। जिम्मेदारी केवल पुलिस प्रशासन की ही नहीं है, आप लोगों की भी है। उन्होंने व्यापारियों से वायदा किया कि वे बाजार खोलें, उत्पीड़न नहीं होगा। उन्होंने पूछा, लेकिन जिन लोगों ने बलवे में हिस्सेदारी की है, उन्हें कब तक बचाया जाएगा? लोकतंत्र में कानून का पालन तो सबको करना होगा।
पुलिस ने लगवाए पोस्टर
पुलिस ने कस्बे के बाजारों में लोगों से शांति की अपील करते हुए पोस्टर चस्पा किए हैं। एसएसपी ने बताया कि लोग बेवजह दहशत में हैं। पुलिस ने एक दिन ही सख्ती दिखाई थी। शांति की अपील के पोस्टर चस्पा किए गए हैं।
हिंदु संगठनों का एकतरफा कार्रवाई का आरोप
आगरा। हिंदूवादी संगठनों ने शमसाबाद में पुुलिस प्रशासन पर एकपक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। बजरंग दल की पश्चिमपुरी में आयोजित बैठक में प्रांत सह संयोजक राकेश त्यागी ने कहा कि पुलिस शमसबाद में राजनीतिक दबाव में एक पक्ष का उत्पीड़न कर रही है। दंगाइयों को थाने पर बैठाया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि अगर पुलिस ने मानसिकता नहीं बदली तो आंदोलन किया जाएगा। बैठक में राजीव शर्मा, गजेंद्रपाल, विनोद शर्मा, अजय यादव, अरुण माहौर, बंटी ठाकुर, बॉबी वाल्मीकि, अनुराग उपाध्याय, प्रिंस चौहान, बल्देव बघेल, अक्षत शर्मा, गौरव पाराशर आदि थे। विश्व हिंदू परिषद की बैठक में जिलाध्यक्ष सागर चौधरी ने कहा कि शमसाबाद में पुलिस एकतरफा कार्रवाई बंद कर दे वरना इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। मान सिंह, मनोज, भूपेंद्र शर्मा, संजय मल्होत्रा, धर्मेंदर् राजपूत आदि थे।