अभी उसकी उम्र 20 साल की थी। चार साल पहले माता-पिता ने जब उसे घर से विदा किया था ताे पहले ताे वाे खूब राेई पर ससुराल अाते-अाते उसे समझ अा गया कि अब यहीं उसका परिवार है। दिन हाे या रात वाे घर के कामाें में इस उम्मीद के साथ लगी रहती थी कि एक दिन पूरा परिवार उसे अपना लेगा लेकिन दहेज की भूख के अागे उसकी जिंदगी हार गई। हंसती खेलती पूनम की अावाज हमेशा के लिये खामाेश हाे गई।
क्याेंकि एक लाचार बाप दहेज में बाइक नहीं दे पाया। दिल दहला देने वाली ये घटना हरदाेई के हरपालपुर थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव निवासी लोकनाथ की बेटी पूनम की है। पूनम की शादी चार साल पहले फर्रुखाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के मंगलरवा गांव निवासी धर्मेंद्र के साथ की थी। उसके एक बेटा आयुष है।
लोकनाथ ने बताया कि शादी के बाद ससुराल वाले बाइक की मांग करने लगे। ससुरालीजन आए दिन उसे मारपीट कर प्रताड़ित करने लगे। पूनम ने कई बार फोन पर उससे शिकायत की थी। छह नवंबर को ससुराल वालों ने उसे मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जलाने का प्रयास किया था।
चीख पुकार मचाने पर पड़ोसी पहुंच गए। उसे बचाकर फर्रुखाबाद के जिला अस्पताल में भर्ती कराया। घटना की जानकारी पर वह पहुंचा था। बेटी ने ससुरालीजनों के जलाने की बात कही थी। ससुरालीजन इलाज में लापरवाही बरत रहे थे। इसके कारण एक सप्ताह पहले उसे मायके लाया था। गत शनिवार को हालत हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
बुधवार सुबह पूनम की मौत हो गई। पुलिस ने पूछताछ के बाद पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम कराया। कोतवाल भगवान सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मृतका के पिता ने फर्रुखाबाद निवासी ससुराल वालों पर बाइक की मांग पूरी न होने पर बेटी को जलाकर मारने का आरोप लगाया है।