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"2 करोड़ पहुंचा देना नहीं तो इस बार भेजा उड़ा दूंगा, और फोन कट गया", आरोपियों तक एेसे पहुंची पुलिस

Wed, 12 Dec 2018 09:14 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- साबुन मशीनरी कारोबारी रूप किशन रैना से मांगी थी रंगदारी
- पुरोहित भी दबोचा गया, लूट के मोबाइल से दी थी धमकियां
 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वो याद है, वही बोल रहा हूं, वो भी कर सकता हूं नहीं तो दो करोड़ रुपये दे देना हमें। कानपुर में लूट के मोबाइल से यह धमकी देकर फैक्ट्री मालिक रूप किशन रैना से दो करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में कल्याणपुर पुलिस ने केडीए लिपिक प्रफुल्ल सिंह सेंगर और उसके साथी को गिरफ्तार किया है।
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आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त लूटा गया मोबाइल, बाइक और एक कार बरामद हुई है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। इस मामले में पुलिस को चार और लोगों की तलाश है।

एम ब्लाक काकादेव निवासी रूप किशन रैना साबुन मशीनरी कारोबारी हैं। पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में फैक्ट्री है। 4 दिसंबर की शाम 6:35 बजे  रूप किशन के मोबाइल पर अनजान नंबर से अनजान व्यक्ति ने फोन किया और कहा कि दो करोड़ रुपये दे दो, नहीं तो गोली मार देंगे।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
फोन करने वाले ने वर्ष 2012 में उन पर हुए जानलेवा हमले का हवाला भी दिया। इसके बाद शातिरों ने कई फोन किए। इसकी एफआईआर रूप किशन ने कल्याणपुर थाने में दर्ज कराई।

थानाप्रभारी सतीश कुमार सिंह ने सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से सोमवार रात बर्रा-दो निवासी केडीए लिपिक प्रफुल्ल कुमार सिंह सेंगर और उसके साथी पुरोहित आशीष तिवारी उर्फ आशू को कमला टॉवर, फीलखाना से दबोच लिया।

थानाप्रभारी के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन लोगों ने किशन रैना से रंगदारी वसूलने की साजिश रची थी। 3 दिसंबर को सराय मीता, पनकी में एक शख्स से मोबाइल लूटा था। लूट के मोबाइल से ही रंगदारी मांगी थी।
 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
प्रफुल्ल के चार और साथियों के नाम आएं हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। जो मोबाइल लूटा था वो जुगराजपुर, शिवली (कानपुर देहात) निवासी प्राइवेट कर्मी संजय राठौर का था। पनकी पुलिस ने तहरीर लेने के बाद भी उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी थी। 

छह साल पहले हुआ था जानलेवा हमला
रूप किशन रैना से वर्ष 2012 में भी रंगदारी मांगी गई थी। रंगदारी देने से मना करने पर 17 नवंबर 2012 को नमक फैक्ट्री चौराहे के पास बाइक सवार बदमाशों ने उन पर पिस्टल से गोली चलाई थी। वे बाल-बाल बच गए थे।

पुलिस तब आरोपियों को नहीं पकड़ सकी थी। धमकी भरे फोन आने के बाद रैना इतना डर गए कि शहर छोड़कर चले गए। सोमवार को आरोपियों की गिफ्तारी के बाद पुलिस ने संपर्क किया तो बताया कि वह मुंबई में हैं। 
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