नर्वल थाने से महज 30 मीटर की दूरी पर गुरुवार को पंचायत चुनाव की रंजिश में एक मीट व्यापारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उसके परिवार के कई लोगों को भी बुरी तरह पीट डाला, जिससे सात लोग घायल हो गए। व्यापारी के बेटे की हालत नाजुक है। पुलिस ने जिला पंचायत सदस्य के प्रत्याशी रहे सोनू सोनकर के पिता मुन्ना सहित सात लोगों पर एफआईआर दर्ज की है।
सरसौल संवाददाता के मुताबिक नर्वल कस्बा निवासी सोनू सोनकर और सांवले सोनकर ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था। थाने के पास रहने वाले मीट विक्रेता राम प्रसाद सोनकर (62) ने सांवले के पक्ष में प्रचार कर वोट मांगे थे। सांवले के चुनाव जीतने पर सोनू, राम प्रसाद से खुन्नस मान बैठा। राम प्रसाद की बहू शिल्पी के अनुसार गुरुवार को सोनू के समर्थक फूलचंद्र ने राम प्रसाद के बगल में मीट की दुकान खोल ली।
विरोध करने पर फूलचंद्र ने सर्वेश, मुन्ना (सोनू के पिता), मम्मू प्रसाद, फौजी धर्मेंद्र उर्फ मोलू, सर्वेश, दीपक और राजेंद्र के साथ मिलकर राम प्रसाद पर हमला कर दिया। वे उसे पीटते-पीटते नर्वल थाने के बगल तक ले गए। राम प्रसाद का बेटा दौड़कर थाने पहुंचा लेकिन पुलिसकर्मी थाने से निकले ही नहीं।
राम प्रसाद की पत्नी रामश्री, बेटा दीप कुमार, बीनू, भतीजी रूबी, बड़ा बेटा संजय, बहू अंगाना, भतीजी प्रियंका ने उन्हें बचाने की कोशिश की तो हमलावरों ने सबको लाठी-डंडों से पीट दिया। करीब एक घंटे बाद एसओ जसवंत सिंह फोर्स के साथ पहुंचे, तब तक हमलावर भाग चुके थे। पुलिस ने राम प्रसाद और उनके परिवार के लोगों को कांशीराम ट्रामा सेंटर भेजा, जहां से राम प्रसाद और दीप को उर्सला रेफर कर दिया गया।
उर्सला में डॉक्टर ने राम प्रसाद को मृत घोषित कर दिया। वहीं दीप की हालत गंभीर बताई गई है। परिजन उर्सला से शव लेकर गांव पहुंच गए। पुलिस शव लेने आई तो परिजनों से तीखी झड़प हुई। समझाने पर परिजन शांत हो गए। राम प्रसाद के बेटे संजय की तरफ से फूलचंद्र, मुन्ना, मम्मू प्रसाद, फौजी धर्मेंद्र उर्फ मोलू, सर्वेश, दीपक और राजेंद्र पर गैर इरादन हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई है।