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गाजी बाबा भोले-भाले नौजवानों को फंसाकर कानपुर में भी देता था ‘आतंक की कोचिंग’

Thu, 27 Apr 2017 08:25 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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गाजी बाबा
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मदरसे का टॉपर और कढ़ाई में महारत हासिल कर आतंकी बना ब्रिलियंट माइंड गाजी बाबा बड़ी होशियारी से भोले-भाले नौजवानों को ‘आजादी’ की बात कहकर उन्हें भी आतंकी बनाता जा रहा था। जालंधर में पकड़े गए खुरासान मॉड्यूल के आतंकी गाजी बाबा उर्फ मुजम्मिल उर्फ जीशान उन्नाव में रहने के दौरान कानपुर के कुछ लड़कों के संपर्क में आया। सूत्रों की मानें तो जुमे रात के दिन प्रत्येक शुक्रवार को गाजी बाबा कानपुर में जाजमऊ के धार्मिक स्थल पर जाकर कट्टरधर्मियों को पहली नजर में पहचानकर उनसे दोस्ती बढ़ाता था। इसके बाद उन्हें अपने साथ ले जाकर उन्हें कुछ वीडियो दिखाता था।  आतंकी गाजी बाबा का कानपुर कनेक्शन खंगालने के लिए एटीएस तेजी से काम कर रही है। 
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कानपुर के दो लड़कों से गहरी दोस्ती थी

गाजी बाबा
जालंधर में पकड़े गए खुरासान मॉड्यूल के आतंकी गाजी बाबा उर्फ मुजम्मिल उर्फ जीशान का एटीएस कानपुर कनेक्शन तलाश रही है। इसके लिए एटीएस की एक टीम ने बुधवार को जाजमऊ, बेकनगंज समेत छह इलाकों में दबिश देकर तीन संदिग्ध युवकों से पूछताछ की। एटीएस को पता चला है कि उन्नाव में रहने के दौरान गाजी बाबा की कानपुर के दो युवकों से गहरी दोस्ती थी। इसमें एक हिंदू लड़का भी है। अब एटीएस इन दोनों लड़कों को खोज रही है। उनका मानना है कि इन दोनों युवकों से उनको अहम सुराग मिल सकते हैं।

फेसबुक के जरिए जैश के संपर्क में आया

गाजी बाबा
एक एटीएस अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान गाजी बाबा ने खुलासा किया है कि वह जैश सदस्य साजिद के संपर्क में था। वह फेसबुक के जरिए 2012 में साजिद के संपर्क में आया था। तब तक वह जेहादी समर्थक विचारों को लेकर पूरी तरह प्रभावित और कट्टर बन चुका था। उन्होंने बताया कि 2015 में जब गाजी बाबा के पिता को पता चला कि वह जेहादी समर्थक विचारों से प्रभावित है तो उन्होंने उसे सोशल मीडिया से दूर किया लेकिन नवंबर 2016 में वह फिर सोशल मीडिया में नजर आया। यूपी एटीएस ने जिन चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, गाजी बाबा उनमें से एक है। उसके अलावा उमर उर्फ नाजिम :मुंबई से गिरफ्तार:, मुफ्ती उर्फ फैजान :बिजनौर: और जकवान उर्फ एहतेशाम :बिहार के नरकटियागंज से गिरफ्तार: भी पकडे़ गये हैं।
 

सीडीआर में मिले है कानपुर के नंबर

डेमो पिक
गाजी बाबा मूल रूप से लखनऊ का रहने वाला है। यहां आने से पहले उसने मदरसे में पढ़ाई की। उसे कुरान शरीफ कंठस्थ है। जालंधर में उसे इसी बात का फायदा मिला। घर के पास की मस्जिद में बिना देखे कुरान पढ़ता था। लोगों का विश्वास भी जीत लिया था। गाजी बच्चों को धर्म के नाम पर भड़का कर उन्माद फैलाने के लिए नन्हे जेहादी तैयारी कर रहा था।  गाजी बाबा ढाई साल पहले उन्नाव के कंघी मोहल्ला में मौसी के घर में रहता था। इस दौरान वह खुरासान मॉड्यूल के संपर्क में आया है। एटीएस को उसके सीडीआर में कुछ कानपुर से जारी सिम के नंबर मिले हैं। अब एटीएस उन नंबरों को यूज करने वालों को ढूंढ रही है, ताकि यह पता चल सके कि बाबा का नेटवर्क कहां तक फैला है। इसके अलावा एटीएस को बाबा की कानपुर में रिश्तेदारी का भी पता चला है। 
 
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इस पर भी जांच कर रही एटीएस

डेमो पिक
एटीएस ने भोपाल-इंदौर पैसेंजर ब्लास्ट में खुरासान माड्यूल से जुड़े शहर के छह आतंकियों को पकड़ा है। इसमें से पांच आतंकी जाजमऊ निवासी हैं। वहीं, गाजी बाबा भी खुरासान माड्यूल का है। एटीएस को पड़ताल में पता चला है कि वह जाजमऊ स्थित एक दरगाह जाता था। एटीएस को ट्रेन ब्लास्ट में पकड़े गए आतंकियों का गाजी बाबा से संबंध होने का शक है। इसकी पुष्टि करने के लिए एटीएस आतंकियों के परिजनों से पूछताछ कर सकती है।
 
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