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नोट कांड ः फरार इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी का घर कुर्क

Mon, 02 Mar 2015 03:22 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
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बांदा के कांग्रेसी नेता संजीव अवस्थी को नकली नोट मामले में फंसाने के मामले में फरार चल रहे तत्कालीन कलक्टरगंज इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी और गुडवर्क में पुलिस के गवाह रहे अब्दुल वहाब के घर की रविवार को कुर्की कर ली गई। आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्लू) के अधिकारियों ने कुर्की की।
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दोनों अभियुक्तों के घर से कुर्क किए गए सामान संबंधित थाने में जमा कराए गए हैं। फरार सबइंस्पेक्टर दिलीप वर्मा समेत चार अन्य लोगों के खिलाफ भी एक-दो दिन में ईओडब्लू कोर्ट से कुर्की का आदेश लेगी।

बांदा निवासी कांग्रेस नेता संजीव अवस्थी को फरवरी 2011 में कलक्टरगंज इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी ने करीब साढ़े चार लाख रुपये के नकली नोट के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया था। संजीव के साथ उनके ड्राइवर समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी दर्शाई गई थी।
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अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मामले की जांच ईओडब्लू की लखनऊ शाखा कर रही है। विवेचक ने कांग्रेस नेता और उनके दोनों साथियों को क्लीनचिट देकर उनकी गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम और गवाह को दोषी माना है।

आरोपी सभी पुलिसकर्मी सस्पेंड हैं पर अभी आरोपी इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी समेत पांच पुलिस कर्मियों और पुलिस के दो गवाहों ने खुद को कानून के हवाले नहीं किया है।

फरार इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी, पुलिस के गवाह अब्दुल वहाब के खिलाफ कुर्की (धारा 83) और सबइंस्पेक्टर दिलीप वर्मा समेत चार लोगों के खिलाफ कोर्ट कुर्की (धारा 82) का आदेश पारित कर चुकी है। विवेचक इंस्पेक्टर राकेश रैना ने बताया कि दिनेश त्रिपाठी का जौनपुर पवारा स्थित घर कुर्क किया गया है।

कुर्की की कार्रवाई दिनेश त्रिपाठी के भाई राजेश त्रिपाठी की मौजूदगी में हुई। सामान पवारा थाने में जमा कराए गए। इधर, गुडवर्क में पुलिस की तरफ से गवाह रहे अब्दुल वहाब के घर नई बस्ती ओमपुरवा चकेरी में कुर्की हुई। कुर्क सामान को चकेरी थाने में जमा कराया गया है।

अब दिनेश त्रिपाठी और अब्दुल बहाव पर इनाम घोषित कराने की ईओडब्लू तैयारी कर रही है। वहीं इस मामले में आरोपी सबइंस्पेक्टर दिलीप सिंह, कांस्टेबल बृजेश बहादुर सिंह, कंास्टेबल रमेश चंद्र वैश्य और पुलिस की तरफ से गवाह नीरज सिंह ने कोर्ट में सरेंडर अप्लीकेशन दी थी।

26 फरवरी तक इन सभी आरोपियों को कोर्ट में सरेंडर करना था पर ये लोग हाजिर नहीं हुए। अब ईओडब्लू के विवेचक एक-दो दिन में कोर्ट से इन सभी आरोपियों का कुर्की आदेश (धारा 83) लेंगे।
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