नागालैंड और मणिपुर में रजिस्ट्रेशन करवाकर प्रदेश भर से चोरी किए गए सैकड़ों वाहन बेधड़क फर्राटा भर रहे हैं। संभागीय परिवहन कार्यालय के अफसरों और लिपिकों की मिलीभगत से चोरी के वाहनों को एनओसी देकर प्रदेेश की सड़कों पर चलने की बाकायदा अनुमति भी मिली है।
इटावा पुलिस ने आरटीओ विभाग की मिलीभगत से संचालित हो रहे इस हाईप्रोफाइल गैंग के तीन दलालों को गिरफ्तार कर सोमवार को इसका खुलासा किया। इनके कब्जे से चोरी के डंपर, ट्रक और तेल के टैंकर और कार समेत 41 वाहन बरामद किए गए।
पुलिस के मुताबिक गिरोह की मदद करने वाले इटावा और औरैया के तीन एआरटीओ के बारे में जानकारी मिली है। फिलहाल पुलिस ने 2016 में औरैया में तैनात रहे एआरटीओ मनोज कुमार सिंह के नाम का ही खुलासा किया है। एसएसपी आकाश तोमर का कहना है कि पकड़े गए वाहनों की कीमत करीब 7.50 करोड़ है।
प्रदेश के कई जिलों में करीब दस हजार से अधिक छोटे व बड़े वाहन फर्जी तरह से संचालित हो रहे हैं। यह जानकारी एसएसपी आकाश तोमर को दिसंबर माह में हुई। एसएसपी ने इस संबंध में 15 दिसंबर को छह टीमें गठित की। टीम ने प्रदेश के कई जिलों में छापेमारी की।
टीम ने अन्य जिलों की पुलिस की मदद से कई फर्जी गाड़ियों को चिह्नित किया। इसी दौरान टीम को जानकारी हुई कि एक गिरोह ऑटो ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में सक्रिय है। यह गिरोह वाहनों का फर्जी तरीके से चेसिस नंबर बदलकर अन्य प्रदेशों से रजिस्ट्रेशन करवाकर इटावा व औरैया से एनओसी कराता है।
इसमें परिवहन विभाग के कई जनपदों के आरटीओ, क्लर्क व दलाल भी शामिल हैं। टीम ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर में संलिप्त गैंग की छानबीन की। सोमवार को एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि पुलिस व एसओजी टीम लाइन सफारी के सामने बंद पडे़ प्लांट के पास पहुंची, जहां कई ट्रक, टैंकर के साथ स्कॉर्पियो समेत अन्य गाड़ीं खड़ी थीं।
पुलिस ने वाहन में सवार तीन बदमाशों को पकड़ लिया। जबकि उनका एक साथी मौके से फरार हो गया। तीनों ने अपने नाम दिलीप कठेरिया पुत्र शिवराम सिंह निवासी कांशीराम कॉलोनी थाना जसवंतनगर, राघवेन्द्र सिंह पुत्र रामदास यादव निवासी सारगपुरा कचैरा रोड थाना सिविल लाइन व राजीव गुप्ता पुत्र राधेश्याम गुप्ता निवासी दुर्गाबुर्ज रोजा जनपद शाहजहांपुर बताया।
चारों ट्रक, टैंकर व अन्य वाहन लेकर दलालों के माध्यम से मध्य प्रदेश में बेचने की फिराक में थे। पूछताछ में पता चला कि सभी वाहन चोरी के है जिनका नागालैंड से चेसिस नंबर बदलवाकर रजिस्ट्रेशन कराया गया। इसके बाद जनपद औरैया के एआरटीओ व आरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों के साथ मिलकर एनओसी ली।
ट्रक व टैंकरों को मध्य प्रदेश में बेचने जा रहे थे। इस संबंध में 2016 में तैनात रहे मनोज कुमार सिंह एआरटीओ औरैया व क्लर्क, तत्कालीन एआरटीओ इटावा व आरटीओ कार्यालय के कर्मचारी व दलाल शामिल हैं। पुलिस ने तीनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। गैंग में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।