फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'हुक्का बार' की हालत Liquor bar जैसी, देखिए कैसे 'नशे के आदी' बन रहे हैं युवा

Wed, 03 Jan 2018 08:34 AM IST
आशुतोष मिश्रा/रामजी द्विवेदी, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 12
हुक्का बार
आज की युवा पीढ़ी का फैशन और क्रेज बनता जा रहा 'हुक्का बार' उनकी जिंदगी बर्बाद करने का काम कर रहा है। बंद अंधेरे कमरे में डीजे की तेज धुनों पर हुक्का गुड़गुड़ाते हुए युवा दरअसल मजा लेने के चक्कर में गंभीर बीमारियों को अपने शरीर में जगह दे रहे हैं। मंगलवार दोपहर कानपुर अमर उजाला की टीम शहर के हुक्का बारों की लाइव रिपोर्ट लेने पहुंची तो वहां का नजारा किसी 'लिकर बार' (बीयर बार) से कम नहीं था। नशे में युवा झूमते नजर आ रहे थे, किसी को किसी से कोई भी मतलब नहीं था। सब हुक्का गुड़गुड़ाते हुए धुएं में डूबे थे। अमर उजाला के रिपोर्टर ने भी हुक्का का स्वाद लिया तो थोड़ी ही देर में वह नशे की हालत में हो गए।
युवाओं को बरगलाते हैं हुक्का बार चलाने वाले
हुक्का बार चलाने वाले लोग अपने यहां आने वाले युवाओं को यह कहकर बरगलाते हैं कि हुक्के में भरा पानी धुएं को फिल्टर कर देता है। इससे वह नुकसान नहीं करता है, लेकिन यह पूरी तरह गलत है। हुक्केके बेस में डाला गया पानी धुएं को ठंडा कर देता है, लेकिन यह बहुत ज्यादा नुकसानदायक होता है।  

 

Trending Videos
विज्ञापन

नशे का खुला बाजार हुक्का बार

2 of 12
हुक्का बार

हुक्का बार नशे का खुला बाजार बना है। कुछ पैसे के लालच में इन हुक्कों में नशीले पदार्थ डालकर युवाओं को नशे का लती बनाया जा रहा है। ‘अमर उजाला’ की टीम ने हुक्का  बार का सच परखा तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। तेज म्यूजिक के बीच धुएं के छल्ले उड़ाते हुए लड़के-लड़कियां अश्लीलता करते हैं। जैसे-जैसे नशा बढ़ता है वैसे-वैसे हुक्के की और डिमांड होने लगती है। हुक्का बार संचालक 'हर्र लगे न फिटकरी रंग चोखा होय' के अंदाज में खूब कमाई के चक्कर में कॉवेंट में पढ़ने वाले बड़े घरानों के किशोर और युवाओं को अपना शिकार बनाते हैं।
 

विज्ञापन

कानपुर में 400 से ज्यादा हुक्का बार

3 of 12
हुक्का बार पर छापा
यूपी बड़े औद्योगिक शहरों में शुमार कानपुर में हर छोटे-बड़े मॉल और रेस्टोरेंट में हुक्का बार चल रहा है। कानपुर में 400 से ज्यादा हुक्का बार चल रहे हैं किसी के पास भी हुक्का बार चलाने का लाइसेंस नहीं है। मंगलवार की दोपहर अमर उजाला की टीम में शामिल दो रिपोर्टर आर्य नगर और स्वरूप नगर के हुक्का बार में पहुंची। वहां की हालत किसी लिकर बार से कम नहीं थी। अंदर बैठे युवा नशे की हालत में दिख रहे थे। तेज साउंड के बीच लड़के-लड़कियां आपस में अश्लीलता करते हुए भी देखे गए। ऐसी हालत किसी एक बार की नहीं थी। जितने भी हुक्का बार पर अमर उजाला की टीम पहुंची सभी जगहों के हालात एक जैसे थे।

 

हुक्का बार गवर्न नहीं हो पा रहा

4 of 12
हुक्का बार
उधर कानपुर जिला प्रशासन का कहना है कि किसी भी एक्ट में हुक्का बार गवर्न नहीं हो पा रहा है। इस मामले को शासन तक पहुंचाया गया है।  सोमवार रात को ही कानपुर के पॉश एरिया माल रोड में रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहे अवैध हुक्का बार पर कोतवाली पुलिस ने छापा मारा था। पता चला था कि यहां रेस्टोरेंट की आड़ में यह अवैध हुक्का बार चल रहा था। पुलिस को रेस्टोरेंट में 12 से ज्यादा हुक्के, पाइप, तंबाकू और फ्लेवर समेत तमाम सामान मिले हैं। लड़के-लड़कियां भी मिले जिनमें से कुछ नाबालिग थे। प्रतिबंधित एनर्जी ड्रिंक रेल बुल के केन भी मिले हैं। पुलिस ने बरामद सामान सील कर दिया है। अफसरों का कहना है कि ड्रग विभाग को रिपोर्ट भेजी जाएगी। आगे की कार्रवाई ड्रग विभाग और प्रशासन अपने स्तर से तय करेगा।

 

विज्ञापन

100 सिगरेट के बराबर एक हुक्का

5 of 12
हुक्का बार

हुक्का सिगरेट से ज्यादा हानिकारक है। डॉक्टरों का मानना है कि एक हुक्का पीने से 100 सिगरेटों के बराबर का नुकसान शरीर को पहुंचता है। हुक्के से निकले धुएं की वजह से शरीर की नसें सिकुड़ना शुरू हो जाती हैं। रक्त में होमोसिस्टीन का स्तर बढ़ जाता है। जिससे दिल और दिमाग में थक्का जमने का खतरा बढ़ जाता है। इसके कारण स्ट्रोक या अटैक पड़ सकता है। इसके साथ ही कैंसर का खतरा तो होता ही है। 

विज्ञापन

थक्का जम जाने से चली जाती मरीज की जान

6 of 12
हुक्का बार
कानपुर शहर के कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट और हैलट में इस तरह के कई मरीज आते हैं, जो अत्यधिक धूम्रपान की वजह से अटैक या स्ट्रोक का शिकार बनते हैं। थक्का जम जाने से कई बार मरीजों की जान तक चली जाती है। हुक्के का एक सेशन 40 से 45 मिनट का होता है। एक सेशन में हुक्का पीने वाले के शरीर में 250 फीसदी निकोटिन बढ़ जाता है। इतना निकोटिन 100 सिगरेट केबराबर होता है। हुक्के में चारकोल भरा जाता है। इसमें भी कई तरह रसायन होते है। 
 
विज्ञापन

यह जलने पर कार्बन मोनो आक्साइड बनाता है

7 of 12
हुक्का बार
हुक्का जलने पर कार्बन मोनो आक्साइड बनाता है। अमेरिकन लंग्स एसोसिएशन ने हुक्का के हानिकारक पहलुओं पर शोध किया है। शोध के मुताबिक हुक्का सिगरेट की तरह मुख, फेफड़े और ब्लड कैंसर का कारक हो सकता है। धूम्रपान की वजह से होमोसिस्टीन का स्तर जब बढ़ जाता है, तो शरीर में थक्का जमने का खतरा चार गुना तक बढ़ जाता है। हर कश में चार हजार रसायन डॉक्टरों के मुताबिक हुक्के के हर कश में चार हजार रसायन होते हैं। 
 

कैंसर और अन्य जानलेवा बीमारी होने का खतरा

8 of 12
डेमो पिक
इसमें एसीटोन, अमोनिया, नैफ्थेलैमिन, मैथोनॉल, पाइरीन, डाई मैथिल, नाइट्रो सैमीन, नैफ्थैलीन, केडमियम, कार्बन डाइमोनो आक्साइड, बेंजोपाइरीन, वाइनिल क्लोराइड, हाइड्रोजन साइनायड, टोल्यूडिन, युरेथैन, फिनोल समेत 40 से अधिक रसायन से कैंसर और अन्य जानलेवा बीमारी होने की आशंका प्रबल होती है। इससे अस्थमा, ब्रांकाइटिस, लंग्स कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, हृदय रोग हो जाते हैं। सीधे फेफड़े में पहुंचता है धुआं हुक्केसे कश लगाने पर धुआं सीधे फेफड़े तक पहुंचता है।
 

गुजरात में हुक्का बार पूरी तरह प्रतिबंधित

9 of 12
हुक्का बार
हुक्का बार संचालक युवाओं को यह कहकर बरगलाते हैं कि हुक्के में भरा पानी धुएं को फिल्टर कर देता है। इससे वह नुकसान नहीं करता है, लेकिन यह पूरी तरह गलत है। हुक्के के बेस में डाला गया पानी धुएं को ठंडा कर देता है, लेकिन यह बहुत ही ज्यादा नुकसानदायक होता है। गुजरात में हुक्का बार पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके लिए राज्य सरकार ने फरवरी 2017 को विधानसभा से विधेयक पास कर राष्ट्रपति को भेजा था। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद गुजरात में हुक्का बार बंद हो गए हैं। वहां पर हुक्का बार चलाते हुए पकड़े जाने पर तीन साल कैद और जुर्माने की सजा का प्रावधान है। इसी तरह देश के बाहर अमेरिका, दुबई, यूएई और जर्मनी में भी हुक्का पर प्रतिबंध है।

परखा सच तो हुए चौंकाने वाले खुलासे

10 of 12
डेमो पिक
दोपहर करीब 12:40 बजे ‘अमर उजाला’ टीम कानपुर बेनाझाबर स्थित ब्लू लाइन हुक्का बार में पहुंची। वहां बताया गया कि आधा घंटे बाद हुक्का मिल पाएगा। इसके बाद टीम ठीक एक बजे आर्य नगर स्थित फ्रेंड्स हुक्का बार में पहुंची। गेट पर ही एक कैमरा लगा मिला। अंदर घुसते ही बाएं हाथ की तरफ एक हॉल को गुब्बारों से सजाया जा रहा था। बताया गया कि यहां पार्टी होनी है। उससे पहले कुछ लड़के स्कूनर खेल रहे थे। इन लड़कों की उम्र 17 से 20 साल के बीच में होगी। यह लड़के स्कूनर खेलते-खेलते बीच में पूरी दम से हुक्का के कश लगाते हुए होड़ लगाकर धुएं के छल्ले बना रहे थे। सजाए जा रहे कमरे की तरफ बढ़ने पर बताया गया कि यह हॉल पार्टी के लिए बुक है। टीम को दाएं तरफ एक हॉल में बैठा दिया गया। कई प्लेवर की कीमत के साथ ऑरेंज फ्लेवर के हुक्के की कीमत चार सौ रुपये बताई गई। इस पर लाने को कह दिया गया। इसी दौरान दो लड़के एक लड़की को लेकर आए और सज रहे हॉल में बैठ गए।

 

दे-दनादन हुक्का खींचती दिखी लड़कियां

11 of 12
डेमो पिक
ऑर्डर टीम ने पहले दिया था लेकिन हुक्का लड़कों के पास पहले सर्व कर दिया गया। टोकने पर कहा गया कि सर, यह हमारे डेली के कस्टमर हैं। पहले से फोन आ गया था। लड़कों के साथ आई किशोरी दे-दनादन हुक्का खींचती दिखी। कुछ ही देर में टीम के सामने हुक्का रख दिया गया। बताया कि यह हर्बल हुक्का है। हुक्के को दो कश धीमे कश मारने पर ही खांसी आने लगी। सिर चकराने लगा। नशा जैसा लगने लगा। हालत देखकर हुक्का परोसने वाला समझ गया। पास आया और बोला, सर हुक्का थोड़ा हल्का कर के लाता हूं। फिर आप लोगों के गले में नहीं लगेगा।

 
विज्ञापन

दो कश मारे तो नशे जैसी हालत हो गई

12 of 12
डेमो पिक
थोड़ी ही देर में उस हुक्के को तथाकथित हल्का कर सामने रख दिया गया। फिर दो कश मारे तो नशे जैसी हालत हो गई। सामने नजर गई तो स्कूनर खेलने वाले लड़कों के पास और हुक्का पहुंच गया था। इन लड़कों की आंखे लाल नजर आ रही थी। दो लड़कों के बीच बैठी किशोरी भी कश पर कश मार रही थी। म्यूजिक की तेज आवाज और धुआं माहौल को नशे के मुफीद बनाता लगा। होठ सूखने लगे थे। सर चकराने लगा था। यहां पर ज्यादा बैठने की हिम्मत जवाब दे गई तो पेमेंट कर बाहर निकल आए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें