एटीएम कार्ड का नंबर मालूम करके 66 लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले जालसाज प्रदेश की राजधानी में छिपे हैं। चित्रकूट में एक डॉक्टर की पत्नी के अकाउंट से रकम उड़ाने के केस की पड़ताल कर रही क्राइम ब्रांच की टीम ने मंगलवार को गोमतीनगर इलाके में जालसाज का लोकेशन ट्रेस किया और फर्जी तरीके से खोले खाते से फोटो हासिल करके तलाश शुरू की है।
चित्रकूट क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर रघुपति सिंह ने बताया कि कर्वी के शंकर बाजार निवासी होम्योपैथिक डॉक्टर मनमोहन तिवारी की पत्नी मानू को जनवरी 17 में अज्ञात युवती ने कॉल करके 2999 रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग पर इनाम का झांसा दिया। इस दौरान उसने अपने साथी से बात कराई और जिसने झांसा देकर एटीएम का ओटीपी नंबर मालूम किया।
इसके बाद मानू के अकाउंट से चार बार में 25 हजार रुपये निकल गए। उसने 17 जनवरी को केस दर्ज कराते हुए पुलिस को जानकारी दी कि राजबीर सिंह नामक व्यक्ति ने एसबीआई की इंदिरानगर शाखा में शुभम कुमार के खाते में जमा करने को कहा है। कर्वी पुलिस ने कॉल डिटेल व मानू के बैंक खाते व उनके द्वारा बताए खाता नंबर के बारे में छानबीन शुरू की। कुछ दिनों पहले तफ्तीश क्राइम ब्रांच को सौंपी गई।
इंस्पेक्टर ने बताया कि कॉल में इस्तेमाल मोबाइल फोन का लोकेशन गोमतीनगर के विभव खंड में ट्रेस हुआ। इसी तरह एसबीआई की मुंशी पुलिया शाखा से शुभम का ब्योरा एकत्र करने के साथ उसकी फोटो कब्जे में ली। एसपी चित्रकूट ने शुभम की गिरफ्तारी पर इनाम की घोषणा की है।
66 लोगों से ठगी का आरोपी
इंस्पेक्टर रघुपति सिंह ने बताया कि शुभम व उसके साथियों ने 66 लोगों से साइबर क्राइम से चार लाख से अधिक की ठगी की है। जालसाजों के हत्थे चढ़ने पर ठगी की अन्य वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद है। शुभम का फोटो लखनऊ पुलिस को देकर उसकी तलाश में मदद मांगी गई है।