हल्द्वानी। सरकारी स्कूलों में प्राथमिक से लेकर इंटर कॉलेजों तक सुरक्षा के लिए अग्निशमन की व्यवस्था नहीं है। सीएफओ ने इस मामले में स्कूलों को तीन श्रेणियों में बांटकर डीईओ से व्यवस्था पूरी कराने का अनुरोध किया है। सलाह दी है कि स्कूली बच्चों को भी आग से बचाव के लिए अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण देना चाहिए।
सीएफओ संजीवा कुमार ने बताया कि स्कूलों की सुरक्षा के लिए तीन श्रेणियों में बांटा गया है। प्राथमिक स्कूल में दो बाल्टी रेत, पानी, दो अग्निशमन यंत्र लगाया जाना चाहिए। जूनियर हाइस्कूल में चार अग्निशमन यंत्र, चार बाल्टी रेत की व्यवस्था शिक्षा अधिकारियों को करना होगा। इसी प्रकार इंटर के प्रत्येक विद्यालयों में आठ अग्निशमन यंत्र के साथ आठ बाल्टी रेत और पानी हमेशा स्कूल में तैयार रहना चाहिए। सीएफओ ने स्कूली सुरक्षा की सुरक्षा के लिए डीईओ को पत्र भेजा है। सलाह दी है कि बच्चों को आग से बचाव के लिए अभ्यास भी कराया जाना चाहिए। यदि जरूरत पड़ी को अग्निशमन विभाग बच्चों को प्रशिक्षण देने के लिए तैयार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्कूलों में अग्निशमन सुरक्षा के बाबत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
90 फीसदी स्कूलों की जांच हुई
अग्निशमन विभाग के एफएसओ लीलाधर उपाध्याय ने बताया कि पुलिस उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शहर के 49 निजी स्कूलों के सुरक्षा की जांच की गई है। अभी 10 फीसदी स्कूलों का भौतिक सत्यापन करना बाकी है। जांच के दौरान स्कूलों की सुरक्षा की कमियों को दुरुस्त कराया गया है। बच्चों की सुरक्षा के लिए एसएसपी और एसपी सिटी द्वारा चलाया गया अभियान कारगर रहा है।