पनकी साइट नंबर तीन में बुधवार सुबह संतोष लालवानी की रबर फैक्ट्री में संदिग्ध हालात में आग लग गई। आग की लपटें और धुआं देख फैक्ट्री में काम कर रहे सभी मजदूर बाहर भागे। कंट्रोल रूम की सूचना पर दमकलों के साथ फायर ब्रिगेड कर्मी पहुंचे। आठ दमकलों की मदद से करीब तीन घंटे में आग पर काबू पाया जा सका।
फायर अफसर का कहना है कि फैक्ट्री में आग से निपटने के संयंत्र नहीं दिखे। इसके लिए मालिक को नोटिस देकर जवाब - तलब किया जाएगा। इधर, संतोष लालवानी ने 50 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का दावा किया है। शास्त्री नगर निवासी संतोष लालवानी ने बताया कि फैक्ट्री में चप्पलों की कटिंग की बची सीट आती है।
इसे पीस कर और लुगदी बनाकर फिर से नई सीट बनाते हैं। स्क्रैप और कुछ बना हुआ माल बिना छत वाले गोदाम रखा था। आग इसी हिस्से में लगी और देखते ही देखते फैल गई, लेकिन आग की चपेट में मशीन और फ्रेश माल वाला हिस्सा नहीं आया।
आग सुबह लगभग 11 बजे लगी और दोपहर एक बजे तक आठ दमकलों की मदद से लपटों पर काबू पा लिया गया। फजलगंज, मीरपुर कैंट और कर्नलगंज फायर स्टेशन की दमकलें मंगाई गई थीं। संतोष लालवानी का कहना है कि आग उनके फैक्ट्री में किसी गलती की वजह से नहीं लगी।
उन्हें शक है कि पड़ोसी दाल मिल का सर्वेंट क्वार्टर ऊपरी मंजिल पर है। मजदूरों में से किसी ने जलती बीड़ी या सिगरेट फेंक दी होगी। छत न होने से वह रबर पर गिरी और सुलगते हुए आग का रूप ले लिया। दूसरी ओर सीएफओ राकेश राय ने बताया कि आग लगने का स्पष्ट कारण अभी पता नहीं चल सका है।
छानबीन चल रही है। फैक्ट्री मालिक को अग्निरोधी संयंत्र न होने से जवाब - तलब किया जा रहा है। पनकी एसओ गोपीचंद यादव का कहना है कि संतोष लालवानी ने कोई तहरीर थाने में नहीं दी है। यदि वह ऐसा करते हैं तो उसकी छानबीन करा ली जाएगी।