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गोशाला की अकूत संपत्ति के लिए मचा गदर

Thu, 03 Nov 2016 12:53 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
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गाेशाला प्रकरण काे लेकर प्रखर जी महाराज ने बाेला तीखा हमला
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कानपुर गोशाला सोसाइटी की बेशकीमती संपत्तियों के लिए मची लड़ाई में बुधवार को फिर नया मोड़ आ गया। सोसाइटी के लेटर पैड पर पूर्व महामंत्री पुरुषोत्तम तोषनीवाल के हस्ताक्षर से जारी पत्र में कहा गया है कि डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटी एवं चिट्स कानपुर के आदेश संख्या 4047(4) के तहत कानपुर गोशाला सोसाइटी के बैंक खातों का संचालन रोक दिया गया है। वहीं तोषनीवाल ने ऐसा कोई पत्र जारी करने से ही इन्कार कर दिया है। कहा है कि किसी ने उनके लेटर पैड का गलत इस्तेमाल किया। दूसरी ओर सोसाइटी के संरक्षक प्रखर जी महाराज ने कहा कि पूर्व महामंत्री पुरुषोत्तम तोषनीवाल एंड कंपनी गोशाला में घुसेगी तो सभी को धक्के मारकर भगा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि तोषनीवाल और उनके साथी सोसाइटी का चुनाव अवैध घोषित कराने की कोशिश कर रहे हैं जिस कर वे कोर्ट जाएंगे।
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  दूसरी ओर गोशाला सोसाइटी के सरंक्षक प्रखरजी महाराज का कहना है कि उन्हें भी बैंक खाते सीज होने की जानकारी नहीं है। वैसे बैंक क्यों रोकेगा खातों का संचालन, जब डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटी एवं चिट्स कानपुर उनकी कमेटी को सही बता रहा है। उन्होंने कहा कि तोषनीवाल और समर्थकों की नीयत में खोट है तभी वे लोग फर्म सोसाइटीज एंड चिट्स के रजिस्ट्रार से मिलीभगत कर गोशाला सोसाइटी के चुनाव को अवैध घोषित कराने में जुटे हैं। 
क्या है विवाद 
कानपुर गोशाला सोसाइटी का चुनाव मई-2016 में हुआ था। इससे पहले संरक्षक प्रखर जी महाराज ने महामंत्री पुरुषोत्तम तोषनीवाल से इस्तीफा ले लिया था। तब से तोषनीवाल गुट असंतुष्ट है। नए चुनाव में तिलकराज शर्मा अध्यक्ष और श्याम अरोड़ा महामंत्री बने थे। तोषनीवाल ने नई कमेटी में लालू मिश्रा समेत पांच लोगों को लेने की बात कही थी जिसको ठुकरा दिया था। तबसे तनातनी चली आ रही हैै। नई कमेटी बनने के बाद रानीघाट स्थित वसंतकुंज में गोशाला की बेशकीमती जमीन बेचने का मामला सामने आया। इस जमीन को बिल्डर मोहन सेठ को बेच दिया गया और वहां अपार्टमेंट बन गए जबकि गोशाला सोसाइटी के नियमों के अनुसार गोशाला की जमीन किसी को बेची ही नहीं जा सकती। नई कमेटी ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की बात कही तो नई कमेटी का चुनाव ही अवैध घोषित कराने की कवायद होने लगी। इसके बाद अब खाते सीज होने का ताजा मामला आया है।
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