महिला सिपाही के पति की धारदार हथियार से हत्या
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जालौन जिले के उरई में प्रेम विवाह के विरोध में महिला सिपाही के मायकेवालों ने उसकी आंखों के सामने पति की धारदार हथियार से हत्या कर दी। सूचना पाकर एसपी यशवीर सिंह फोर्स और फॉरेंसिक के साथ मौके पर पहुंचे। मोहल्ले वालों की मदद से पुलिस ने मौके से तीन मायके वालों को पकड़ भी लिया है।
पुलिस ने घायल पति को अस्पताल भेजा जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसपी का कहना है कि कुछ लोग पकड़े गए हैं, मामले की जांच पड़ताल कर कारण का पता किया जा रहा है। शहर के अभियोजन कार्यालय में तैनात महिला सिपाही रिंकी अपने पति मनीष (27) और छह माह के बच्चे शिवा के साथ शिवपुरी मोहल्ले में किराए पर रहती है।
गुरुवार देर शाम रिंकी के मायके फतेहपुर से उसके पिता प्रेम सिंह, भाई अंकित और मामा उससे मिलने आए थे। सभी लोग घर के दरवाजे पर बैठकर मनीष से बात कर रहे थे, तभी अचानक शोरशराबा होने लगा। इलाकाई लोगों ने बताया कि जब तक वे लोग घरों के बाहर आए तो देखा कि मनीष लहूलुहान हालत में बाहर पड़ा है और तीनों रिश्तेदार भागने का प्रयास कर रहे थे, तभी उन्हें घेरकर पुलिस को सूचना कर दी गई।
इलाकाई लोगों के मुताबिक तीनों शराब के नशे में थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने मनीष को तत्काल अस्पताल भेजा, जहां उसे मृत घोषित घोषित कर दिया गया। पुलिस तीनों मायके वालों को लेकर कोतवाली आ गई। एसपी का कहना है कि तहरीर लेकर मामला दर्ज किया जाएगा।
समझाया था, नहीं मानी तो मार दिया
पकड़े गए रिंकी के पिता प्रेमसिंह ने कोतवाली में पुलिस को बताया कि रिंकी और मनीष ने करीब तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था। दोनों सजातीय है, फिर भी घरवालों की मर्जी के खिलाफ जाकर रिंकी ने मनीष से शादी की थी। इस बात की भी नाराजगी थी। बहुत समझाया था शादी न करो, नहीं मानी तो मार दिया मनीष को।
पति को बचाने के लिए सिपाही ने किया संघर्ष
जिस वक्त रिंकी के मायके वाले उसकी आंखों के सामने उसके पति पर चाकू और चापड़ से वार कर रहे थे, उस वक्त रिंकी ने अपने घरवालों से भी मोर्चा लिया और पति को बचाने के लिए बचाओ बचाओ चिल्लाते हुए उनसे भिड़ी रही। जिस कारण उसके हाथ भी जख्मी हो गए। अस्पताल में भी रिंकी मायके वालों को चिल्ला चिल्ला कर कोसती रही।
पड़ोसियों के घर बिलखता रहा मासूम
वारदात के बाद पति की हालत को देखकर बदहवास रिंकी को अपने 6 माह के बच्चे की भी सुध न रही, वह पुलिस के साथ घायल पति को लेकर सीधे जिला अस्पताल चली गई। इस पर पड़ोसी बच्चे को अपने घर ले गए। जब पुलिस को जानकारी हुई तो कोतवाली से महिला सिपाही बुलाकर रोते बिलखते शिवा को उसके सुपुर्द किया गया।
मोहल्ले वालों ने गुम्मा दिखाकर आरोपियों को रोका
इलाकाई लोगों की मानें तो जैसे ही उन लोगों ने शोर सुना तो बाहर निकले, उस वक्त तीनों हमलावर भागने की फिराक में थे, तभी तीन चार युवकों ने हाथों में गुम्मा उठाकर उनको दिखाया तो तीनों सकपका कर ठहर गए और फिर इसके कुछ ही देर बाद पुलिस आ गई। यदि थोड़ी देर भी हो जाती तो तीनों भाग निकलते।
इतने घाव किए कि टूट गया चाकू
पुलिस को घटनास्थल पर ही वारदात में प्रयुक्त चाकू और छोटा सा चापड़ दोनों बरामद हो गए। दोनों ही हथियार मनीष के खून से सराबोर थे। मायकेवालों के गुस्से का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक चाकू तो वार करते-करते टूट तक गया था। पुलिस का कहना है कि आला कत्ल को भी फोरेंसिक साथ ले गई है।