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सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला, एक सरकारी बाबू बैठाता था सॉल्वर

Sun, 21 Jul 2019 05:04 PM IST
शिखा पांडेय क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गैंग को पुलिस ने दबोचा - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में अलग-अलग विभागों में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सचेंडी पुलिस ने शनिवार को भंडाफोड़ किया। नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के तार प्रयागराज के एक सरकारी बाबू से भी जुड़े हैं।

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एक बड़े विभाग का बाबू संजीव कुमार सॉल्वर मुहैया कराता था। पुलिस के मुताबिक कई युवाओं की नौकरी भी लगवाई है। पुलिस ने अभी संजीव के विभाग का खुलासा नहीं किया है। हालांकि, पुलिस जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर सकती है।

एसओ शेष नारायण पांडेय के मुताबिक मनोज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे युवाओं को फांसकर प्रयागराज के धूमनगंज प्रतीक नगर निवासी संजीव कुमार के पास ले जाता था। संजीव ही विभागों में साठगांठ कर नौकरी दिलाता था। उसकी तलाश में पुलिस की एक टीम प्रयागराज रवाना हो गई है।

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परीक्षाओं में सॉल्वर सक्रिय
पुलिस के मुताबिक मनोज जिनसे फार्म भरवाता था, उनकी डिटेल संजीव को भेजता था। संजीव उसके स्थान पर अन्य किसी शख्स से परीक्षा दिलवाता था। इस तरह के सौ से अधिक मामले सामने आए हैं। पुलिस एक-एक का सत्यापन कर सॉल्वरों तक पहुंचने की जद्दोजहद में जुट गई है।

नंबर बढ़वाने का लेता था ठेका
मनोज नौकरी दिलाने के अलावा नंबर बढ़वाने का भी ठेका लेता था। इसके लिए लाख से डेढ़ लाख रुपये एक छात्र से वसूले जाते थे। सूत्रों की मानें तो दर्जनों लोगों के उसने विभिन्न परीक्षाओं में नंबर भी बढ़वाए हैं।
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ये लाते थे छात्र
फरार लवलेश, अचल, शैलेश और गोपाल का मुख्य काम युवाओं को नौकरी का झांसा देकर जाल में फंसाना रहता था। उसके बाद वह सभी को मनोज से मिलवाते थे।

ये हैं फरार
1- संजीव कुमार, प्रतीक नगर, धूमनगंज, प्रयागराज
2- लवलेश यादव, किेहरा, फिरोजाबाद
3- अचल सिंह, नगला माऊ, फिरोजाबाद
4- शैलेश, शाहपुर शिकोहाबाद
5- गोपाल, कानपुर नगर 
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