परीक्षाओं में सॉल्वर सक्रिय
पुलिस के मुताबिक मनोज जिनसे फार्म भरवाता था, उनकी डिटेल संजीव को भेजता था। संजीव उसके स्थान पर अन्य किसी शख्स से परीक्षा दिलवाता था। इस तरह के सौ से अधिक मामले सामने आए हैं। पुलिस एक-एक का सत्यापन कर सॉल्वरों तक पहुंचने की जद्दोजहद में जुट गई है।
नंबर बढ़वाने का लेता था ठेका
मनोज नौकरी दिलाने के अलावा नंबर बढ़वाने का भी ठेका लेता था। इसके लिए लाख से डेढ़ लाख रुपये एक छात्र से वसूले जाते थे। सूत्रों की मानें तो दर्जनों लोगों के उसने विभिन्न परीक्षाओं में नंबर भी बढ़वाए हैं।