फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

22 साल बाद 'खून का बदला खून', यह फिल्म नहीं हकीकत है

Thu, 18 Jan 2018 07:41 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 4
डेमो पिक
'बाप का दादा का भाई का सबका बदला लेगा रे तेरा फैजल' गैंग्स अाॅफ वसेपुर का ये डायलाॅग ताे अापने सुना ही हाेगा पर फर्रुखाबाद में इसे एक युवक ने सच कर द‌िखाया है। युवक ने 22 सालाें बाद अपने भाई के खून का बदला खून से लेते हुए एक युवक काे माैत के घाट उतार द‌िया। 

 
Trending Videos
विज्ञापन

1995-96 में वर्चस्व को लेकर दो पक्षों में हुई थी गाेलीबारी

2 of 4
डेमो पिक
घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस लगातार गांव में नजर रखे हुए है। थाना मेरापुर के गांव बरखिरिया निवासी बलवीर सिंह यादव और रंजीत के परिवार के बीच रंजिश चल रही है। ग्रामीणों ने बताया कि हत्यारोपी रंजीत यादव के भाई मुकेश का 1995-96 में वर्चस्व को लेकर गांव के बलवीर यादव से विवाद हुआ था।

 
विज्ञापन

फायरिंग में हुई थी एक ही पक्ष के दो भाइयों की हत्या

3 of 4
डेमो पिक
इस दौरान दोनों पक्षों में फायरिंग होने से एक पक्ष से रंजीत के भाई मुकेश और सद्दू की गोली लगने से मौत हो गई थी और दूसरे पक्ष बलवीर एवं उसका पिता पूर्व सैनिक सुुरेंद्र सिंह गोली लगने से घायल हो गया था। दोहरे हत्याकांड में बलवीर, पिता सुरेंद्र सिंह, मेघसिंह, सोवेंद्र समेत अन्य के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

 
विज्ञापन

मृतक व अन्य के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा,

4 of 4
डेमो पिक
दोहरे हत्याकांड के आरोपियों को सजा हुई थी। सुरेंद्र सिंह की सेंट्रल जेल में 2003 में मौत हो गई थी। बलवीर जमानत पर बाहर था। दोहरे हत्याकांड को लेकर दोनों पक्षोें में रंजिश चल रही है। बताया गया कि इस घटना के बाद से रंजीत ने बलवीर की हत्या करने की योजना बना ली। गुरुवार को घना कोहरा होने के कारण आरोपियों ने बलवीर को रास्ते में घेर कर गोलियों से भून दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें