कानपुर देहात। अकबरपुर कोतवाली के बारा चौकी के सामने अवैध शराब बेचे जाने के मामले में एसपी ने शनिवार को बारा चौकी इंचार्ज व वहां तैनात दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं, पांच लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि दो फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
शुक्रवार रात बारा चौकी के पास एक चाय की दुकान में शराब बिक्री होने की जानकारी एसडीएम अकबरपुर आनंद कुमार सिंह को मिली। उन्होंने सीओ अर्पित कपूर व आबकारी इंस्पेक्टर गिरिराज सिंह के साथ पहुंच कर छापेमारी की थी। छापेमारी से पहले अधिकारियों ने दुकान में एक ग्राहक भेजकर दो शीशी शराब मंगाई। इसके कुछ ही देर बाद एसडीएम की टीम ने दुकान में छापेमारी कर दी। वहां दुकान संचालक बारा गांव दीपांशु व उसका साथी रजत मिला। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने के साथ दुकान की तलाशी शुरू की। पुलिस को तलाशी में वहां शराब नहीं मिली। उनकी निशानदेही पर पास में ही मनोज के घर से 10 पेटी नकली देशी शराब बरामद की थी और मनोज को भी हिरासत में ले लिया। एसपी राधेश्याम ने बताया कि चौकी पास शराब बिक्री होने पर बारा चौकी इंचार्ज विष्णुकांत तिवारी के साथ सिपाही शिवबहादुर व सत्येंद्र को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं मामले में बारा गांव के दीपांशु, रजत सिंह, मनोज राठौर और पचगवां के पिंटू धानुक, उमरन के पवन यादव पर नकली शराब बिक्री से संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पिंटू व पवन काले रंग की कार से नकली शराब की आपूर्ति करते थे। उनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।
संदिग्ध भूमिका में पूरी चौकी, कार्रवाई सिर्फ तीन पर
कानपुर देहात। रूरा के मड़ौली गांव में 19 व 20 मई को नकली शराब पीने से दस लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद जिले में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया गया। लेकिन इस कारोबार पर जिले में लगाम नहीं लगी। शुक्रवार को पकड़े गए लोगों के मुताबिक वह बारा चौकी के पास दो माह से अवैध शराब बिक्री कर रहे थे। इसके बावजूद पूरी पुलिस चौकी मौन थी इससे साफ है कि चौकी में तैनात हर पुलिस कर्मी इसके बाबत जानकारी रखता था। एसपी ने बताया कि प्रथमदृष्टया चौकी इंचार्ज व बीट के दो सिपाही की जिम्मेदारी थी जिससे उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है। अन्य पुलिस कर्मियों की भूमिका भी छानबीन की जा रही है।
काला कारोबार में शामिल काले रंग की कार
चौकी के सामने शराब की आपूर्ति करने काले रंग की बिना नंबर की कार आती थी। कार पचगवां रनियां के पिंटू धानुक की है। पुलिस छानबीन में यह सामने आया कि उसने कई साल पहले कार खरीदी थी और अभी तक उसका नंबर नहीं लिया। कार का इस्तेमाल सिर्फ शराब आपूर्ति में किया जा रहा है। अब पुलिस ने कार व पिंटू की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। नकली शराब की आपूर्ति गजनेर, झींझक, शिवली आदि क्षेत्रों में किए जाने की भी जानकारी मिली है। पुलिस इस कारोबार में शामिल लोगों के बावत सुराग लगाना शुरू कर दिया है।
तीन बार जेल जा चुका है मनोज
नकली शराब के मामले में पकड़ा गया बारा गांव निवासी मनोज राठौर रनियां व कानपुर के बेकनगंज थाने से जेल जा चुका है। अक्तूबर 2018 में वह जेल गया था। अभी चार माह पहले जमानत पर बाहर आया है। उसने पुलिस को बताया कि आपूर्ति करने में प्रति पेटी नौ सौ रुपये की बचत होती है।
फोटो संख्या-01 एकेबीपी-5 पुलिस गिरफ्त में अवैध शराब के साथ पकड़े गए आरोपी व जानकारी देते एसपी।
फोटो संख्या-01 एकेबीपी-6 आरोपियों के पास बरामद अवैध शराब।
अवैध शराब बिक्री में चौकी इंचार्ज व दो सिपाही लाइन हाजिर
-पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, तीन गिरफ्तार व दो फरार
-चौकी के सामने दो माह से बिक रही थी नकली शराब
अमर उजाला ब्यूरो