इटावा। गोशाला में गोवंश की मौत के मामले में पशु क्रूरता अधिनियम का पहला मुकदमा जिले में मंगलवार को दर्ज हुआ है। जिला प्रशासन ने अहेरीपुर गोशाला में चार गोवंशों की मौत के लिए ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को जिम्मेदार मानते हुए प्रधान के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज कराई और सचिव को निलंबित कर दिया। बीडीओ को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
महेवा ब्लॉक की अहेरीपुर गोशाला में तीन दिनों में चार गोवंशों की मौत हो गई थी। दो कंकाल भी मिले थे। सोमवार को ग्रामीणों ने शव देखकर अधिकारियों को सूचना दी थी। गोशाला में कीचड़ होने से गोवंश बैठ तक नहीं पा रहे थे। कमजोर गोवंश कीचड़ में फंसे पड़े मिले थे। पशु चिकित्सक ने मौत का कारण भूख बताया था। गोशाला में चारा तक नहीं मिला था।
पशु चिकित्सक और एसडीएम भरथना की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी जेबी सिंह ने प्रधान, पंचायत सचिव और बीडीओ को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर महेवा ब्लॉक के एडीओ पंचायत श्यामवरन सिंह ने अहेरीपुर गांव की प्रधान विलकीसा बेगम के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 धारा 11 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई।
मामले की जांच अहेरीपुर चौकी प्रभारी संतोष कुमार को सौंपी गई है। पंचायत सचिव हेमंत कुमार को निलंबित कर दिया गया है। पिछले सप्ताह चार्ज लेने वाले बीडीओ सतीश पांडेय को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।