बिल्हौर (कानपुर)। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद बिकरू गांव में अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है। गांव में भारी फोर्स की तैनाती के बीच बिकरू, आसपास के भीटी, काशीनाथ पुरवा, मरहमत नगर में ग्रामीणों ने खेतीबाड़ी के काम शुरू कर दिए हैं।
गांव के चप्पे-चप्पे पर पुलिस और आरएएफ तैनात हैं। गांव छावनी बना है। अब किसान अपने खेतों में धान की फसल की पौध लगाने में जुटे हैं। बिकरू-भीटी गांव से गुजरे शिवली-सकरावां मार्ग किनारे खेती के काम में लगे युनुस, शाहिद, छोटे, शानू, पुत्तन वर्मा, राकेश ने बताया कि विकास को उसकी करनी का फल मिल गया है। अब हम लोग काम नहीं करेंगे तो परिवार को क्या खिलाएंगे। उधर, विकास दुबे के मारे जाने के बाद उसके कई गुर्गे और सहयोगी भूमिगत हैं।
गांव के लोगों ने बताया कि विकास पंडित के खेतों में जिलेदार और हीरू धानी लगवाते थे। उनकी धान पौध अब तैयार है, लेकिन वारदात हो जाने के बाद इस बार विकास के खेतों में धान नहीं लग पाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि विकास पंडित के नाम गांव में 20 बीघा खेत हैं।