अकबरपुर में घर से जबरन हटाने के मामले की जांच करते एडीएम वित्त एवं राजस्व साहब लाल।
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कानपुर देहात। अकबरपुर कस्बे में जबरन एक परिवार को घर से बेदखल करने के मामले में डीएम के निर्देश पर रविवार को एडीएम वित्त व सीओ ने मौके पर जाकर जांच की। उन्होंने तहसील प्रशासन से जमीन संबंधी कागजात तलब किए।
अकबरपुर नगर पंचायत के आघू मोड़ के पास रहने वाले बाबू लाल ने डीएम को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि उसकी जमीन पर वर्ष 1975 से काबिज कब्जा चल रहा है। जमीन पर 90 पेड़ों का बाग लगा है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने तालाब की जमीन अपने नाम कब्जा कर ली और अब उसकी हाईवे से लगी कीमती जमीन हथियाना चाहता है। आरोप लगाया कि शनिवार शाम कुछ लोग स्थानीय प्रशासन की मिली भगत से उसे घर से बेदखल करने पहुंच गए। पीड़ित पत्नी व बच्चों समेत देर शाम डीएम कार्यालय पहुंचा और कार्यालय के बाहर ही बैठ गया।
डीएम डॉ. दिनेश चंद्र ने एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर रविवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व व सीओ संदीप सिंह मौके पर जांच करने पहुंचे। उन्होंने जमीन की स्थिति जांची और पीड़ित से जानकारी ली। एडीएम वित्त साहब लाल ने बताया कि स्थलीय निरीक्षण कर जांच की गई है। तहसील प्रशासन से जमीन संबंधी अभिलेख साक्ष्य मांगे गए हैं। सभी तथ्यों के आधार पर जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
कार्रवाई न करने में अफसरों की भूमिका संदिग्ध
अकबरपुर तहसील व नगर पंचायत में भूमि संबंधी मामलों में पहले भी स्थानीय अफसरों पर सवाल उठते रहे हैं। सूत्रों की माने तो कस्बे की मुख्य जगह पर हाईवे से लगी जमीन काफी कीमती है। ऐसे में माफियाओं की नजर जमीन पर लगी हुई है और वह जबरन खाली कराने पर आमादा हैं। जबकि पीड़ित ने पूर्व में तहसील अधिकारियों को कई बार शिकायती पत्र भी दिए, लेकिन स्थानीय अफसरों की भूमिका संदिग्ध बनी रही। शनिवार को डीएम की नाराजगी के बाद भी पीड़ित को धमकाने वाले पर रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। सीओ संदीप सिंह ने बताया कि जांच एडीएम वित्त कर रहे हैं। रिपोर्ट डीएम को देेने के बाद निर्देश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।