वित्त मंत्री एवं बीसीसीआई के वाइस चेयरमैन अरुण जेटली ने शनिवार को कमला क्लब स्थित डा. गौरहरि सिंहानिया क्रिकेट एकेडमी का शुभारंभ किया। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एकेडमी से संबद्ध इस संस्थान में 108 स्टूडेंटों को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था की गई है।
वित्त मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश क्रिकेट में लगातार आगे बढ़ रहा है। इसमें कानपुर का बड़ा योगदान है। सिंहानिया परिवार की तारीफ करते हुए कहा कि इनके खेल के प्रति समर्पण भाव ने आज प्रदेश को क्रिकेट एकेडमी दी है। कल देश के लिए बेहतरीन खिलाड़ी देंगे। इस तरह की एकेडमी से न सिर्फ कानपुर बल्कि उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ेगा। बड़े पैमाने पर खिलाड़ी तैयार होंगे। आईपीएल जैसे आयोजनों में इन खिलाड़ियों को मौका मिलेगा। हर आईपीएल के बाद देश में चार पांच अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी उभर कर आते हैं।
इनमें से कुछ छोटे शहरों और कस्बों के खिलाड़ी भी होते हैं, जिन्होंने कभी सपना भी नहीं देखा होगा कि वे कभी अंतर्राष्ट्रीय पिच पर विदेशी खिलाड़ियों के साथ मैच खेल सकेंगे। यह सब क्रिके ट अकादमियों की वजह से संभव हो रहा है।
इन्होंने की शिरकत
एकेडमी के शुभारंभ पर भारतीय टीम के खिलाड़ी प्रवीण कुमार, पूर्व खिलाड़ी मो. कैफ, गुजरात लायंस के कोच ब्रॉड हॉज, भाजपा विधायक सतीश महाना, सलिल विश्नोई, रघुनंदन भदौरिया, संजय कपूर, कानपुर और लखनऊ से आयकर विभाग के एक दर्जन से अधिक बड़े अधिकारी, जिले के प्रशासनिक अफसर मौजूद रहे।
दूसरे खेलों को भी लेना चाहिए सबक
वित्त मंत्री ने कहा कि क्रिकेट ने खुद को स्थापित किया है। दूसरे खेलों को भी इससे सबक लेना चाहिए। भारत का क्रिकेट बोर्ड दुनिया का ऐसा एकमात्र बोर्ड है जो किसी सरकार या संस्थान से मदद नहीं लेता। बल्कि हजारों लाखों लोगों को रोजगार भी देता है। कई पूर्व खिलाड़ियों, कोचों और अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन भी देता है। दूसरे खेलों को भी इस तरह के संसाधन जुटाने के लिए प्रयास करना चाहिए।
13 वर्ष की उम्र से मिलेगा प्रवेश
डॉ. गौर हरि सिंहानिया क्रिकेट एकेडमी में स्टूडेटों को 13 वर्ष की उम्र से एडमिशन मिलेगा। आने वाले स्टूडेंटों की पढ़ाई, रहने और खाने की व्यवस्था भी की गई है। उम्र और क्लास के हिसाब से स्टूडेंटों की फीस और पैकेज का स्वरूप तैयार किया जा रहा है।
एकेडमी के सीईओ ललित खन्ना ने बताया कि जल्द ही यहां एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। संस्थान में 108 सीटें निर्धारित की गई हैं। इनमें से 58 सीटें खिलाड़ियों के लिए रिजर्व हैं, जो यहां खेलने आते हैं या पहले से खेल रहे हैं। 50 स्टूडेंटों की नई भर्ती की जाएगी। स्टूडेंटों का चयन सेलेक्शन कमेटी करेगी।
6 करोड़ रुपये हुए खर्च ः एकेडमी को तैयार करने में करीब छह करोड़ रुपये का खर्च आया है। यहां क्रिकेट की बारीकियां सिखाने से लेकर, पर्सनैलिटी डेवपलमेंट, जिम, अत्याधुनिक मशीनों से प्रशिक्षण की व्यवस्था है। पिच और मैदान अंतरराष्ट्रीय मानक के मुताबिक तैयार किए गए हैं।
अगले वर्ष इनडोर गेम ः अगले वर्ष इनडोर गेम, विकेट, स्वीमिंग पूल, स्टीम और सोना बाथ, बैडमिंटन, टेनिस कोर्ट आदि तैयार किए जाएंगे। इसमें चार करोड़ का खर्च आएगा।
शहर में जेटली का जोरदार विरोध
कानपुर (ब्यूरो)। आईपीएल देखने आए वित्त मंत्री अरुण जेटली का शनिवार को अलग-अलग मुद्दों पर शहर में जोरदार विरोध भी हुआ। मेडिकल में दाखिले की संयुक्त परीक्षा के दायरे से राज्यों के बोर्डों को बाहर रखने संबंधी अध्यादेश को मंजूरी देने पर शहर के सैकड़ों मेडिकल छात्रों ने उनके काफिले के सामने नारेबाजी की।
पुलिस ने लाठियां पटक कर खदेड़ा तो कई चुटहिल हो गए। बड़ी संख्या में छात्र गलियों की ओर से भागे तो पुलिस भी उनके पीछे भागी। इससे इलाके के लोग भी दहशत में आ गए।
जेटली का काफिला गुजर जाने के बाद पुलिस और पीएसी बल ने जरीब चौकी से दर्शन पुरवा तक पैदल मार्च किया।
छात्रों ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के कई नेताओं के मेडिकल कॉलेज चलते हैं। इन्हें लाभ देने के मकसद से नीट के दायरे से राज्यों को बाहर रखा गया है। इसमें केंद्र सरकार का बड़ा रोल है। छात्रों ने प्रदेश सरकार के एक नेता पर आरोप लगाया कि मेडिकल में दाखिले के लिए उनकी ओर से ठेका लिया जा रहा है।