दिल्ली हावड़ा रेल रूट पर गिरी क्रेन
- फोटो : अमर उजाला
रेलवे ट्रैक पर क्रेन टूटकर गिरने से दिल्ली-हावड़ा रूट पर भाऊपुर में रविवार सुबह बड़ा हादसा होते होते बचा। डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) के काम में लगी क्रेन बारिश में धंसने से पलट गई और उसका हुक समेत अगला हिस्सा दिल्ली से कानपुर डाउन लाइन पर आ गया। मौके पर मौजूद लोगों ने फौरन सूचना देकर ट्रेनों को रुकवाया।
कुछ दूरी पर पीछे से आ रही आगरा इंटरसिटी एक्सप्रेस रोकी गई। इसकी वजह से करीब आधे घंटे तक दिल्ली-हावड़ा रूट बाधित रहा। अगर ट्रेन के निकलने के दौरान ही क्रेन गिरती तो ट्रेन भी पलट सकती थी। सूचना मिलने पर मौके पर कानपुर सेंट्रल स्टेशन के निदेशक हिमांशु शेखर उपाध्याय पहुंचे। रेलवे ने उनकी अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है।
दिल्ली-हावड़ा रूट की मेन लाइन से महज आठ मीटर की दूरी पर बिना ब्लॉक लिए भाऊपुर में डीएफसी का काम हो रहा था। वहां क्रेन से स्लीपर आदि उठाए जा रहे थे। बारिश की वजह से दलदली जमीन के धंसने की वजह से क्रेन पलट गई और उसका अगला हिस्सा डाउन लाइन पर आ गिरा। यह घटना सुबह सवा नौ बजे हुई।
इसकी सूचना मिलने पर भाऊपुर और पीछे के स्टेशनों पर कंट्रोल से जानकारी देकर ट्रेनों को रुकवाया गया। इससे आगरा इंटरसिटी एक्सप्रेस को जहां के तहां खड़ा कर दिया गया। हादसा उस सेक्शन पर हुआ, जहां ट्रेनें फुल स्पीड से गुजरती हैं। अगर ठीक यात्री ट्रेन के निकलने के दौरान क्रेन टूटी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
इससे पीछे से आ रहीं आगरा इंटरसिटी, जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेेस, वंदे भारत एक्सप्रेस पीछे फंसी रहीं। सुबह 9:50 बजे ट्रैक बहाल किया गया। जांच कमेटी में सेंट्रल स्टेशन के निदेशक हिमांशु शेखर उपाध्याय, सहायक सुरक्षा आयुक्त और एईएन को रखा गया है।
डीएफसी की लापरवाही की आशंका
डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के काम में अफसरों ने सावधानी नहीं बरती। मेन लाइन से महज आठ मीटर की दूरी पर बारिश की गीली मिट्टी होने के बावजूद काम कराया गया। इस काम के लिए ब्लॉक लेना जरूरी था। रेलवे बोर्ड ने इस घटना का संज्ञान लिया है।