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Kanpur News: फर्जी कंपनियों पर कसी नकेल, कंपनी को अपने कार्यालय का चित्र लगाना जरूरी

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कानपुर। फर्जी कंपनियों पर नकेल कसने के साथ ही कंपनियों के कामकाज की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जा रहा है। कंपनी के वार्षिक फार्म एमजीटी 7 या एमजीटी 7ए में अब कंपनी को अपने कार्यालय का चित्र लगाना अनिवार्य होगा। एक चित्र में कंपनी का ऑफिसर अपनी केबिन में बैठा होगा। दूसरे में कंपनी के गेट पर कंपनी का बोर्ड लगा होगा। इसमें कंपनी की मूल जानकारी जैसे कंपनी का नाम, पता और पहचान संख्या होगी।
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कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय वर्जन तीन (वीथ्री) पोर्टल को करने लागू करने जा रहा है। वर्जन दो (वीटू) पोर्टल 18 जून से उपयोग में नहीं रहेगा। जानकारों का कहना है कि पुराने पोर्टल पर काम करना बेहद कठिन था। नई व्यवस्था से फर्जी या बोगस कंपनियों की सही पहचान की जा सकेगी। सीएस वृंदा अग्रवाल ने बताया कि कानपुर में 15 हजार और उप्र में एक लाख से ज्यादा कंपनियां पंजीकृत हैं। कंपनियों के वार्षिक रिटर्न से संबंधित फॉर्म 14 जुलाई से नए वी थ्री पोर्टल पर जमा करने के लिए उपलब्ध हो जाएंगे।
नई प्रक्रिया में बैलेंस शीट, वार्षिक रिटर्न को आसान किया जा रहा है। अब कंपनियों को फॉर्म एओसी चार यानी बैलेंस शीट में अलग से कोई दस्तावेज नहीं लगाना पड़ेगा। कंपनी को बोर्ड रिपोर्ट, ऑडिटर रिपोर्ट की फाइलिंग करने के लिए एओसी चार के लिंक्ड फाइलिंग के रूप में उपलब्ध होगी। ऐसी कंपनी जिसके खिलाफ कॉरपोरेट दिवाला संबंधित प्रक्रिया या परिसमापन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, वे तुलनात्मक पत्र फॉर्म एमजीटी 7 या एमजीटी 7ए में जमा नहीं कर सकती थी। ऐसी कंपनियों को भी अपनी वार्षिक रिटर्न फाइलिंग फॉर्म एमजीटी 7 या एमजीटी 7ए में जमा करने का मौका मिलेगा।
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कंपनियों को अपनी बोर्ड बैठक, शेयरधारक बैठक और समिति बैठक की जानकारी एक्सेल के रूप में देनी रहेगी। यह एक्सेल फार्म एमजीटी 7 में ऑटोमैटिक जनरेट होगा। इससे फॉर्म में गलती होने की संभावना कम हो जाएगी और फॉर्म भरने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि एमजीटी 7 वह फॉर्म होता है जिसके तहत कंपनी का वार्षिक रिटर्न दाखिल होता है। यह भी पता चलता है कि कंपनी में कितने शेयर होल्डर हैं और कंपनी ने कब-कब बैठक की है। इसमें नई व्यवस्था की गई है जिसके तहत वार्षिक रिटर्न के साथ कंपनी और उनके अफसरों के चित्र भी लगाने होंगे। इससे फर्जी कंपनियों की पहचान करना आसान होगी।
केसीएएस सीपीई स्टडी सर्किल के उप संयोजक और सीए नितिन सिंह ने बताया कि काॅरपोरेट मंत्रालय ने वी थ्री पोर्टल पर 38 नए कंपनी फार्म लाने की घोषणा की है। असमें 13 सालाना और 6 ऑडिट फार्म शामिल किए गए हैं जो 14 जुलाई 2025 से लागू होंगे। 18 जून से वीटू पोर्टल पर कंपनी फाइलिंग पूरी तरह बंद से हो जाएगी। आठ जून से वीटू पोर्टल पर भुगतान बंद हो जाएगा। ऐसे में अब केवल ऑनलाइन भुगतान (क्रेडिट/डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग) का ही इस्तेमाल करना होगा। वी थ्री पोर्टल भी अस्थायी रूप से नौ से 13 जुलाई तक बंद रहेगा। मौजूदा वी थ्री फार्म को नौ जुलाई 2025 से पहले जमा करना होगा। 17 जून तक निवेशक और सहायक कंपनी विवरण जमा करना होगा। ऐसा न करने पर कंपनी को गैर पंजीकृत के रूप में चिह्नित किया जाएगा।
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