कानपुर में कैंट स्थित पुलिस कालोनी से 24 साल पहले सिपाही की मां की चेन लूटने वाले को अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन अष्टम उत्कृष्ट जायसवाल ने छह माह कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। घटना के 14 साल बाद कोर्ट में आरोप तय हो सके थे और दस साल बाद कोर्ट का फैसला आ सका है।
सिपाही विजय बहादुर सिंह ने 21 अगस्त 1999 को छावनी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि मां सोना देवी रात करीब आठ बजे कालोनी के पास बैठी थीं, तभी एक युवक ने उनकी चेन लूट ली थी। तीन माह बाद पुलिस ने कैंट थानांतर्गत सत्ती चौरा निवासी विनोद को गिरफ्तार कर चेन बरामद कर ली थी।
विनोद के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई। वर्ष 2013 में विनोद पर आरोप तय हो सके। अभियोजन अधिकारी सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि विजय बहादुर व मां सोना देवी समेत चार गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान विनोद की ओर से अधिवक्ता ने तर्क रखा कि विनोद अब ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पेट पालता है। उसके खिलाफ कोई और मुकदमा भी दर्ज नहीं है। सजा पर रहम बरती जाए। हालांकि सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने दोषी विनोद को छह माह की सजा सुनाई।