कानपुर। ईद के अगले दिन से अदालतों में जरूरी न्यायिक काम शुरू हो जाएंगे। सिर्फ जिला जज, अपर जिला जज/स्पेशल जज, मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (सीएमएम) व विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (स्पेशल सीजेएम) की अदालतें खुलेंगी। न्यायिक अधिकारियों ने बार व लॉयर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों संग बैठक कर कामकाज की रूपरेखा तय की।
सिर्फ लंबित और नए जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई होगी। जिन मुकदमों में बहस हो गई है, उनमें आदेश या फैसला सुनाया जा सकेगा। विवेचनाधिकारी (आईओ) द्वारा गैर जमानती वारंट या कुर्की के लिए दिए गए प्रार्थना पत्रों के निस्तारण के साथ ही मजिस्ट्रेट के सामने पीड़ित के बयान भी दर्ज कराए जा सकेंगे। विचाराधीन बंदियों की रिमांड पर कार्रवाई होगी। दीवानी मुकदमों से संबंधित कोई काम अदालतों में नहीं होगा। कोई भी दस्तावेज हाथ से नहीं दिए जाएंगे। ई-मेल kanpurnagarcourtfiling@gmail.com पर ही जमानत, अग्रिम जमानत व अन्य जरूरी प्रार्थना पत्र और लिखित बहस दाखिल की जा सकेगी। सिर्फ सीआईएस (केस इन्फर्मेशन सिस्टम) पर पंजीकृत मामले ही सुने जाएंगे। बाकी मुकदमों में सामान्य तारीख दी जाएंगी। अधिवक्ता व वादकारियों की सहायता के लिए जिला न्यायालय की वेबसाइट पर सभी जानकारी अपलोड कर दी गई है।
हेल्पलाइन नंबर 9807168165, 9936094291 और 0512-2330929 से भी जानकारी ली जा सकती है। न्यायालय भवन के द्वितीय तल की कोर्ट नं. 29 को वर्चुअल कोर्ट रूम बनाया गया है। यहां अधिवक्ता अपने मुकदमे में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बहस कर सकेंगे। बैठक में जिला जज अशोक कुमार सिंह, अपर जिला जज वीके सिंह, बालकृष्ण एन रंजन, सैफ अहमद व महानगर मजिस्ट्रेट आशीष कंबोज के साथ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्यामजी श्रीवास्तव व महामंत्री कपिलदीप सचान, लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश शुक्ला व बीर बहादुर सिंह मौजूद रहे।