फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निराशा: 14 महीने से बंद है काशी महाकाल एक्सप्रेस, दूसरी ट्रेनों में सीट नहीं, महाकाल के भक्त मायूस

Sun, 13 Jun 2021 06:55 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

तमाम ऐसे लोग हैं, जो मौत के मुंह से बाहर आए हैं। उन्होंने महाकाल के दर्शन-पूजन के लिए मन्नत की थी, लेकिन ट्रेनों में सीटें न मिलने से वे निराश हो गए हैं। 
विज्ञापन
काशी महाकाल एक्सप्रेस। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद लोग अपनी और परिवार की सलामती की प्रार्थना के लिए महाकाल के दर्शन करना चाहते हैं। इनमें तमाम ऐसे लोग हैं, जो मौत के मुंह से बाहर आए हैं। उन्होंने महाकाल के दर्शन-पूजन के लिए मन्नत भी मानी थी, लेकिन ट्रेनों में सीटें न मिलने से चिंतित हैं।

विज्ञापन


कानपुर से उज्जैन के लिए डेली ट्रेन नहीं है। इकलौती साबरमती एक्सप्रेस है भी तो उसमें इस माह एक भी सीट खाली नहीं है। भगवान विश्वनाथ की नगरी काशी को उज्जैन के महाकाल से जोड़ने वाली कारपोरेट ट्रेन काशी-महाकाल एक्सप्रेस भी 14 महीने से बंद है।

पिछले साल 22 मार्च के बाद चली ही नहीं
आईआरसीटीसी ने लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस के बाद कानपुर सेंट्रल से होकर चलने वाली दूसरी कारपोरेट ट्रेन काशी-महाकाल एक्सप्रेस को 20 फरवरी 2020 को शुरू किया था। एक महीने बाद कोरोना ने दस्तक दी तो 22 मार्च 2020 को इस ट्रेन को बंद कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

तेजस को तो लॉकडाउन के बाद ट्रेनों के बहाल होने के बाद दो बार शुरू करके बंद कर दिया गया, लेकिन काशी-महाकाल नहीं चल सकी। यह ट्रेन तीन दिन प्रयागराज तो तीन दिन लखनऊ होकर काशी से इंदौर वाया कानपुर और उज्जैन चलती थी। इसमें ज्यादातर यात्री उज्जैन के महाकालेश्वर तीर्थ में दर्शन करने वाले होते थे।

अब है उज्जैन की ट्रेनों का बुरा हाल
कानपुर होकर चलने वाली साबरमती एक्सप्रेस उज्जैन होकर चलती है, लेकिन एक महीने तक इस ट्रेन में सीटें नहीं हैं। इसके अलावा डिब्रूगढ़-अहमदाबाद, पटना-इंदौर, ओखा फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलती हैं, लेकिन इनमें भी जगह नहीं है। बसें मध्यप्रदेश न जा रही हैं और न ही वहां की बसें आ रही हैं। लिहाजा, यह विकल्प भी बंद है। निजी कार से जाने वाले लोग जा रहे हैं, लेकिन तमाम आम लोग ट्रेनों पर ही निर्भर हैं।

काशी-महाकाल एक्सप्रेस से आरामदायक यात्रा करने और दो तीर्थ स्थल को जोड़ने की वजह से पसंदीदा ट्रेन थी। लॉकडाउन के बाद पिछले साल से बंद है। इस मामले पर आईआरसीटीसी के उच्च अधिकारियों और रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को ही फैसला लेना है। लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस भी अभी बंद चल रही है।
अनिल गुप्ता, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक, आईआरसीटीसी

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें