कानपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में आज से कोरोना की जांच शुरू हो जाएगी। जांच के लिए आरटी पीसीआर के साथ ही प्रदेश की पहली ऑटोमेटिक न्यूक्लिक एसिड एक्सट्रैक्टर मशीन लगाई गई है। नगर और आसपास के जिलों के मरीजों को इसका फायदा मिलेगा।
कोरोना के संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजने पड़ते थे, जहां से रिपोर्ट आने में 2 से 3 दिन लग जाते थे। इलाज भी देर से शुरू हो पाता था। इसके मद्देनजर स्थानीय मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कोरोना की जांच के लिए मशीनें लगाई गई हैं।
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ आरती लालचंदानी ने बताया कि यह मशीनें लगाने के साथ ही आईसीएमआर से जांच की अनुमति भी मिल गई है। फिलहाल जांच के लिए 100 किट आ गई हैं। डेढ़ हजार और किटो का ऑर्डर दे दिया गया है, जो एक-दो दिन में आ जाएंगी।
शुरुआत में 1 दिन में 100 मरीजों की जांच की जा सकेगी, जिसे बढ़ाकर 300 तक किया जा सकता है। बाद में जरूरत पड़ने पर जांच की संख्या और भी बढ़ाई जा सकती है । 13 अप्रैल को कमिश्नर डॉ सुधीर एम बोबड़े इस मशीन का उद्घाटन करेंगे। तुरंत जांच शुरू कर दी जाएगी। करीब 6 घंटे में जांच रिपोर्ट भी पता चल जाएगी। यह मशीन ऑटोमेटिक होने की वजह से जांच करने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों में कोरोना वायरस का खतरा नहीं रहेगा।