कानपुर- कोरोना से संक्रमित होने के बाद लोग 14 दिन में दवा खाकर निगेटिव तो हो जा रहे हैं लेकिन वे ये न समझें कि दोबारा खतरा नहीं हो सकता। कोरोना दोबारा पलट सकता है, इसलिए निगेटिव होने के बाद भी एहतियात बरतने की जरूरत है।
विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशों में कई रोगी निगेेटिव होने के कुछ दिन बाद फिर पॉजिटिव हो गए, इसलिए एहतियात बरतने की जरूरत है। कोरोना अगर जल्दी से निगेटिव हो रहा है तो पॉजिटिव भी हो सकता है। कोविड-19 वायरस लगातार अपनी प्रवृत्ति में बदलाव कर रहा है जिससे चिकित्सा विज्ञानी हैरान हैं।
शहर में अब तक सात संक्रमित व्यक्ति कोरोना निगेटिव हुए हैं। 14 दिन तक दवा खाने के बाद इनकी रिपोर्ट लगातार दो बार निगेटिव आई है। इसके अलावा अगर कर्नलगंज केे कारोबारी जिनकी मौत हो चुकी है, को छोड़ दिया जाए तो अभी तक जितनेे कोरोना संक्रमित मिले हैं, वे लेवल-1 के रोगी हैं जिनमें कोरोना का कोई गंभीर लक्षण नहीं उभरा है।
सिर्फ इस बात से लापरवाही बरतना भारी पड़ सकता है। जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. देव सिंह का कहना है कि कोरोना के दोबारा पलटकर आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। डॉ. देव सिंह का कहना है कि वायरस लगातार अपनी प्रवृत्ति बदल रहा है।
इसके रिलैप्स पर रिसर्च चल रही है। विदेशों में कुछ लोग 14 दिन में निगेटिव हुए लेकिन 25 दिन बाद फिर पॉजिटिव हो गए। इस कारण 28 दिन तक क्वारंटीन रहें। उसके बाद भी लापरवाही न बरतें। उर्सला के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र तिवारी का कहना है कि रोग के संबंध में अभी बहुत से नए तथ्य उजागर हो रहे हैं। ऐसे में रोगी निगेटिव होने के बाद पूरी सतर्कता बरते।