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कोरोना संकट: कानपुर में मास्को जैसे हालात न बनाएं, घर पर ही रहें, यहां लॉकडाउन उल्लंघन पर पांच साल की जेल

Fri, 24 Apr 2020 04:24 PM IST
शिखा पांडेय हरिओम अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
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कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना वायरस की चपेट में आकर पूरी दुनिया में सवा लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। रूस ने भी लॉकडाउन लागू कर रखा है। यहां चिकित्सा और फूड इंडस्ट्री को छोड़कर सभी कारोबार बंद है। स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी बंद है।
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रूस की राजधानी मास्को में अभी तक 15000 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। यहां की सरकार ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर पांच वर्ष की सजा का प्रावधान लागू किया है। कानपुर वालों से अपील है कि वह अपने शहर में मास्को जैसे हालात न बनाएं। लॉकडाउन का हरहाल में पालन करें ताकि इस महामारी से जीता जा सके। यह कहना है रूस के उल्यानोव्स्क शहर की स्टेट यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस में एमडी की पढ़ाई कर रहे लोकेंद्र यादव का। इस वक्त वह रूस में फंसे हैं।

बिधनू के रमईपुर ग्राम प्रधान संग्राम सिंह यादव के बेटे लोकेंद्र ने अमर उजाला के जरिए शहर के लोगों से अपील की है कि सरकार की गाइडलाइन का पालन हर हाल में करें। घर पर ही रहकर कोरोना से जीत सकते हैं। लॉकडाउन का उल्लंघन न करें। आपकी जरा सी लापरवाही कानपुर में मास्को जैसे हालात पैदा कर सकती है। अब मास्को में लोगों ने खुद को घरों में कैद कर बाहर निकलना बंद कर दिया है।
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रूस में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस से अब तक 30 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। 250 लोगों की मौत हो चुकी है। लॉकडाउन में विशेष जरूरत पर फुल बॉडी किट पहनकर ही बाहर जाने की अनुमति है। बिना बॉडी किट के निकलने पर भारी जुर्माना वसूला जा रहा है। मेडिकल स्टाफ, पुलिस, उच्च अधिकारियों और कोरोना मरीजों की देखभाल करने वालों को ही विशेष पास दिए गए हैं।
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सोशल डिस्टेंसिंग पर ज्यादा जोर
रूस में सोशल डिस्टेंसिंग पर सबसे ज्यादा फोकस है। बिना वजह घर बाहर न निकलने की एडवाइजरी जारी की गई है। बाहर जाने पर लोगों के बीच कम से कम छह फिट की दूरी होना जरूरी है। लॉकडाउन में घर के जरूरी सामान के लिए परिवार के केवल दो लोगों को ही बाहर निकलने की अनुमति दी जा रही है।

गरीबों को मुफ्त खाना देकर भारत ने नजीर पेश की
भारत ने गरीबों को मुफ्त राशन देकर दुनिया में मानवता की नजीर पेश की है। मुझे अपने देश पर गर्व है। रूस में लॉकडाउन के दौरान मैकडोनाल्ड और केएफसी जैसी कंपनियां अतिरिक्त चार्ज लेकर होम डिलीवरी कर रही हैं, जो आउटलेट्स खुले हैं वहां दोगुने रेट वसूले जा रहे हैं।
 
चिकित्सीय सेवाएं पूरी तरह मुफ्त
रूस की चिकित्सीय सेवाएं विश्वस्तरीय हैं। लॉकडाउन के चलते सभी तरह का इलाज पूरी मुफ्त है। कोरोना जैसे लक्षण होने पर कोई भी व्यक्ति किसी भी अस्पताल में जांच करा सकता है। संक्रमित होने पर उसका इलाज पूरी तरह मुफ्त किया जा रहा है।
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