कन्नौज में कोरोना के भय से आत्महत्या करने के मामले में पुलिस का संवेदनहीन चेहरा सामने आया। नगर पालिका की कूड़ा गाड़ी से शव को पोस्टमार्टम के भेज दिया। नखासा मोहल्ला निवासी पप्पू का शव क्रेन से उतारने के बाद जिला अस्पताल चौकी प्रभारी प्रताप सिंह ने जिला अस्पताल गेट के पास उसका शव रखवा दिया। उसके गले से फंदा भी नहीं काटा।
हैरान कर देने वाली बात तो यह रही कि पंचनामा के बाद नगर पालिका की कूड़ा गाड़ी से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एएसपी विनोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। कोरोना के भय से पशु पालक ने जिला अस्पताल परिसर में खड़े पेड़ पर चढ़कर फांसी लगा ली। सुबह करीब 25 फीट की ऊंचाई पर शव झूलता देखकर चिकित्सकों और स्टाफ में हड़कंप मच गया।
क्रेन की मदद से पुलिस ने शव को उतारा। मृतक घर में अकेला रहता था और बकरियों का पालने काम करता था। करीब पांच दिन से बुखार और पीट में दर्द होने से वह कोरोना हो जाने की बात कहकर परेशान रहता था। किसी को भी अपने पास आने नहीं देता था। कन्नौज के नखासा मोहल्ला निवासी 60 वर्षीय पप्पू पुत्र रतन लाल घर में अकेला रहता था। माता-पिता की मौत के बाद तीन बहन रानी, गिन्नो और गुड्डी की शादी कर हो गई थी।