बहुत संक्रमित एसिम्प्टोमैटिक भी रहेंगे। लेकिन अभी तक कोरोना से बचाव के लिए जो गाइडलाइन जारी हुई है, उनका पालन करना जरूरी है। सीनियर चेस्ट फिजीशियन डॉ. राजीव कक्कड़ ने बताया कि वैक्सीन से जो इम्युनिटी पैदा हुई है, उससे बचाव होगा। जरूरी नहीं कि यह वायरल संक्रमण चीन जैसा घातक यहां भी रहे। वैक्सीन ने ओमिक्रॉन से बचाव किया है। बीएफ.7 में भी यह कारगर रहेगी। उन रोगियों के लिए ज्यादा खतरा है जिन्हें डायबिटीज, कैंसर या ऐसा रोग है जिसमें इम्युनिटी सिस्टम कमजोर होता है। सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि गुजरात में बीएफ.7 के जो केस मिले हैं, वे होम आइसोलेशन में ही ठीक हो गए। उनमें कोई जटिल लक्षण नहीं उभरे।