कानपुर देहात। अकबरपुर स्थित राजावत हास्पिटल की कोविड-19 के उपचार की मान्यता खत्म कर दी गई है। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने जांच कराई तो खुलासा हुआ कि मरीजों को कंप्यूटराइज बिल नहीं दिए गए। साथ ही सामान्य व कोविड मरीजों का उपचार एक साथ किया गया। संक्रमण फैलने के खतरे की अनदेखी की गई।
कोविड मरीजों के इलाज के लिए अकबरपुर स्थित राजावत हास्पिटल, अनंतराज, नबीपुर स्थित गौरी हास्पिटल, पुखरायां में पीपीएन, रनियां में डीएस हॉस्पिटल को मान्यता दी गई थी। साथ ही शासन की ओर से निर्धारित रेट के हिसाब से बिल देने के निर्देश दिए गए। इसके बाद भी कई कोविड हॉस्पिटल संचालक मनमानी करते रहे।
शिकायत मिलने पर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने सीएमओ को जांच के निर्देश दिए थे। सोमवार को सीएमओ ने डीएम को जांच रिपोर्ट सौंपी। इसमें राजावत हॉस्पिटल में मरीजों को कंप्यूटराइज बिल न देने का खुलासा हुआ।
कोविड मरीजों का सामान्य मरीजों के साथ ही उपचार करने की लापरवाही उजागर हुई। सीएमओ डॉ. राजेश कटियार ने बताया कि गंभीर अनियमितता बरतने पर राजावत हास्पिटल की कोविड उपचार की मान्यता खत्म कर दी गई है। अब वहां कोविड मरीजों का उपचार नहीं कर सकेंगे।